प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल मरीजों को जीवन देने वाली सरकारी एम्बुलेंस का उपयोग चोरी की वारदात को अंजाम देने में हुआ
गुढ़। रीवा जिले की गुढ़ थाना पुलिस ने बकरी चोरी के एक बेहद अजीबोगरीब और गंभीर मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए घटना के महज 24 घंटे के भीतर दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई सभी 6 बकरियां बरामद कर ली गई हैं। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि आरोपी इस चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए एक शासकीय एम्बुलेंस वाहन का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। सरकारी वाहन का चोरी में इस्तेमाल होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसने प्रशासनिक निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ताला तोड़कर चोरी की थी बकरियां
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पोखरा निवासी पीड़ित रामहित यादव ने 31 मई 2026 को गुढ़ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि अज्ञात चोरों ने उनके सूने घर का ताला तोड़कर अंदर बंधी हुई 6 बकरियां चोरी कर ली हैं। पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए गुढ़ थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 170/2026 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता और बकरी चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए रीवा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के कुशल निर्देशन में गुढ़ थाना प्रभारी शैल यादव के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली जिसके आधार पर त्वरित घेराबंदी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
सीधी और रीवा के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान राजेश मिश्रा उम्र 45 वर्ष निवासी ग्राम पिपरांव जिला सीधी, मोहित यादव उम्र 23 वर्ष निवासी बिछिया जिला रीवा से थाने लाकर की गई कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पोखरा गांव में ताला तोड़कर बकरी चोरी करने की वारदात को स्वीकार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गई 6 बकरियां बरामद कीं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 90 हजार रुपये बताई जा रही है।इसके साथ ही वारदात में प्रयुक्त शासकीय एम्बुलेंस को भी जब्त कर लिया गया है और आरोपियों को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया गया है।
शासकीय एम्बुलेंस का उपयोग प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंता जनक और हैरान करने वाला पहलू वारदात में प्रयुक्त वाहन का है।मरीजों को जीवनदान देने वाली और आपातकालीन सेवाओं के लिए आरक्षित शासकीय एम्बुलेंस का उपयोग आरोपियों द्वारा बकरी चोरी जैसे अपराध में किया जा रहा था। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी वाहनों के मूवमेंट और उनके चालकों पर विभाग का कोई नियंत्रण या मॉनिटरिंग नहीं है।शासकीय संपत्ति का इस तरह आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल होना कहीं न कहीं प्रशासनिक अधिकारियों की घोर लापरवाही और उदासीनता को दर्शाता है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होना आवश्यक है।
सक्रिय भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम
महज 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने और पीड़ित परिवार को राहत दिलाने में गुढ़ थाना प्रभारी शैल यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम की विशेष भूमिका रही। इस सराहनीय कार्रवाई में मुख्य रूप से शैल यादव थाना प्रभारी गुढ़ सुरेश साकेत सहायक उपनिरीक्षक,राकेश वर्मा द्वारिका पटेल, अयोध्या प्रजापति, मनोज द्विवेदी, रामरतन वर्मा, मनोज निनामा, विपिन यादव, मयंक गौतम, सुधीर शुक्ला, योगेंद्र सिंह, अनिल दाहिया, राजकुमार गुप्ता, काशीनाथ यादव, राजेश सिंह, संतोष मिश्रा एवं रामनाथ पटेल सामिल रहे।







