मध्यप्रदेश ! शहडोल
: :आजकल कई “News Banner Maker” ऐप्स प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ फर्जी पत्रकार या ब्लैकमेलर इन ऐप्स के रेडीमेड टेम्पलेट्स (जैसे- टीवी स्क्रीन जैसा ब्रेकिंग न्यूज़ फॉर्मेट, अखबार की हेडलाइन आदि) का दुरुपयोग करते हैं।यदि आपके सामने ऐसा कोई मामला आया है या आप इसके बारे में जानकारी चाहते हैं, तो यह समझना जरूरी है कि यह पूरा खेल कैसे काम करता है और इसके खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
📱 न्यूज़ बैनर ऐप से फर्जी खबर कैसे बनाई जाती है? (दुरुपयोग का तरीका)टेम्पलेट का चयन: इन ऐप्स में पहले से ‘Breaking News’ या न्यूज़पेपर जैसे डिज़ाइन बने होते हैं।
फर्जी मैटर टाइपिंग: ब्लैकमेलर ऐप के टेक्स्ट बॉक्स में जाकर लिख देते । तस्वीर जोड़ना: व्यक्ति की फोटो गैलरी से उठाकर उस बैनर पर लगा दी जाती है।
फर्जी लोगो: कई लोग बड़े चैनलों से मिलते-जुलते नाम या फर्जी प्रेस के लोगो लगा देते हैं ताकि खबर असली लगे।
शेयरिंग और धमकी: डाउनलोड बटन दबाते ही इमेज गैलरी में सेव हो जाती है। इसके बाद इसे सोशल मीडिया (WhatsApp, Facebook) पर वायरल करने की धमकी देकर पीड़ित से पैसों की वसूली (Extortion) की जाती है।⚖️ ब्लैकमेलिंग और फर्जी न्यूज़ के खिलाफ कानूनी धाराएं भारत में फर्जी पत्रकार बनकर किसी से वसूली करना या डराना बहुत भारी पड़ सकता है।
पुलिस ऐसे मामलों में इन धाराओं के तहत कार्रवाई करती है
:धारा 384 IPC (Extortion/जबरन वसूली): डरा-धमका कर पैसे वसूलने पर 3 साल तक की जेल।
धारा 469 IPC (Forgery for Defamation): किसी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए फर्जी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड (बैनर) बनाना।
धारा 66D IT Act: कंप्यूटर या मोबाइल के जरिए अपनी गलत पहचान बताकर (फर्जी पत्रकार बनकर) धोखाधड़ी करना (3 साल की सजा और जुर्माना)।🛡️ अगर कोई आपको ऐसी फर्जी खबर से डराए, तो क्या करें?डरे नहीं।सबूत सुरक्षित रखें: उस फर्जी न्यूज़ बैनर का स्क्रीनशॉट लें, चैट का बैकअप रखें और कॉल रिकॉर्डिंग संभाल कर रखें।
पुलिस में शिकायत करें: तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में Extortion (जबरन वसूली) और Defamation (मानहानि) की लिखित शिकायत दें।
साइबर सेल: आप भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल Cyber Crime Portal पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
प्रेस काउंसिल: यदि वह व्यक्ति किसी रजिस्टर्ड मीडिया से जुड़ा होने का दावा करता है, तो उसकी शिकायत Press Council of India (PCI) में भी भेजी जा सकती है। यदि आपके साथ ऐसी कोई घटना घटी है या आपको किसी विशिष्ट मामले में मदद चाहिए, तो घटना की पूरी जानकारी शेयर करें ताकि आपको सही मार्गदर्शन दिया जा सके।






