चितरंगी। जनपद पंचायत चितरंगी की स्वच्छ भारत मिशन शाखा की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि करीब दो वर्षों से शाखा का काम अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रहा है, जबकि शौचालय निर्माण पूरा कर चुके कई हितग्राही भुगतान के लिए लंबे समय से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक शाखा की कई अहम जिम्मेदारियां लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार में हैं। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन और भुगतान व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजना के भरोसे अपने घरों में शौचालय निर्माण कराने वाले हितग्राहियों को भुगतान के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
हितग्राहियों का कहना है कि उन्होंने अपने घरों में शौचालय का निर्माण करा लिया है, लेकिन निर्धारित राशि का भुगतान अब तक नहीं मिला। इससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हितग्राहियों ने लंबित भुगतानों की स्थिति स्पष्ट कर जल्द राशि जारी करने की मांग की है।
दो साल से अतिरिक्त प्रभार, जिम्मेदारी किसकी?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब दो वर्षों से स्वच्छ भारत मिशन शाखा अतिरिक्त प्रभार के भरोसे क्यों संचालित हो रही है और भुगतान में देरी के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि वर्तमान में कितने हितग्राहियों का भुगतान लंबित है और लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विभाग ने क्या कदम उठाए हैं।
मामले में जिला पंचायत सीईओ से चर्चा किए जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी आज ही मिली है। उन्होंने जल्द जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि भुगतान में देरी की वास्तविक वजह क्या है और लंबे समय से अपने हक की राशि का इंतजार कर रहे हितग्राहियों को भुगतान कब तक मिल पाएगा।






