SIP Calculation: म्यूचुअल फंड में SIP यानी Systematic Investment Plan को लंबे समय में पैसा बनाने का आसान तरीका माना जाता है। कई लोगों को लगता है कि बड़ा फंड बनाने के लिए बड़ी रकम निवेश करनी पड़ती है, लेकिन असल में छोटी SIP भी समय के साथ बड़ा फंड बना सकती है।
अगर कोई निवेशक हर महीने सिर्फ 2000 रुपये की SIP शुरू करता है। उसे लंबे वक्त तक जारी रखता है, तो कंपाउंडिंग की ताकत से अच्छी संपत्ति बन सकती है। यहां हम 10%, 12% और 15% के संभावित औसत रिटर्न के आधार पर समझते हैं कि 10, 20 और 30 साल में कितना फंड बन सकता है।
10 साल में कितना फंड बन सकता है
अगर कोई निवेशक हर महीने 2000 रुपये की SIP करता है, तो 10 साल में उसका कुल निवेश 2,40,000 रुपये होगा। कंपाउंडिंग के कारण इस निवेश की वैल्यू काफी बढ़ सकती है। 10% के औसत रिटर्न पर यह रकम करीब 4.13 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।
अगर औसत रिटर्न 12% मान लिया जाए तो यह रकम लगभग 4.65 लाख रुपये हो सकती है। वहीं 15% के रिटर्न पर यह फंड करीब 5.57 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। यानी सिर्फ 10 साल में ही पैसा लगभग दोगुना या उससे ज्यादा हो सकता है।
20 साल में कितना फंड बन सकता है
अगर यही SIP 20 साल तक जारी रखी जाए तो कंपाउंडिंग का असर और ज्यादा दिखने लगता है। 20 साल में कुल निवेश 4,80,000 रुपये होगा। 10% के औसत रिटर्न पर यह फंड लगभग 15.31 लाख रुपये बन सकता है।
12% रिटर्न के साथ यह रकम करीब 19.98 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं अगर औसत रिटर्न 15% मिल जाए तो यही SIP करीब 30.31 लाख रुपये का फंड बना सकती है। मतलब कि समय बढ़ने के साथ रिटर्न तेज गति से बढ़ने लगता है।
30 साल में कितना फंड बन सकता है
अगर कोई निवेशक 30 साल तक लगातार SIP करता है, तो कंपाउंडिंग का असली असर यहीं दिखाई देता है। 30 साल में कुल निवेश 7,20,000 रुपये होगा। 10% के औसत रिटर्न पर यह फंड करीब 45.58 लाख रुपये बन सकता है।
अगर रिटर्न 12% मानें तो यह रकम लगभग 70.60 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं 15% के औसत रिटर्न पर यही SIP करीब 1.40 करोड़ रुपये का फंड बना सकती है। यानी छोटी सी SIP भी लंबे समय में करोड़ के करीब फंड बना सकती है।
2000 की SIP से कितना बनेगा पैसा
| अवधि | कुल निवेश | 10% रिटर्न पर फंड | 12% रिटर्न पर फंड | 15% रिटर्न पर फंड |
| 10 साल | ₹2,40,000 | ₹4.13 लाख | ₹4.65 लाख | ₹5.57 लाख |
| 20 साल | ₹4,80,000 | ₹15.31 लाख | ₹19.98 लाख | ₹30.31 लाख |
| 30 साल | ₹7,20,000 | ₹45.58 लाख | ₹70.60 लाख | ₹1.40 करोड़ |
कंपाउंडिंग की ताकत कैसे काम करती है
SIP में सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का होता है। इसका मतलब यह है कि आपके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे चलकर रिटर्न कमाने लगता है। जितना ज्यादा समय आप निवेश को देते हैं, उतना ज्यादा कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। इसलिए एक्सपर्ट अक्सर सलाह देते हैं कि निवेश जितना जल्दी शुरू किया जाए, उतना बेहतर होता है।
SIP करते समय किन बातों का ध्यान रखें
SIP शुरू करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। निवेश हमेशा लंबे समय के नजरिए से करना चाहिए और बाजार में गिरावट आने पर SIP बंद नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा भरोसेमंद म्यूचुअल फंड स्कीम चुनना जरूरी है। अगर मुमकिन हो तो समय के साथ SIP की रकम बढ़ाते रहना भी बेहतर रणनीति हो सकती है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। हमारी तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Advertisement








