ब्यौहारी। एक व्हाट्सएप मैसेज ने अब बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, नई दिल्ली को कथित रूप से “फर्जी संगठन” बताने और महासंघ के ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता को बिना किसी जांच-पड़ताल के आरोपी घोषित करने के मामले में पत्रकारों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। महासंघ ने इस पूरे मामले को पत्रकारिता की गरिमा और संगठन की साख पर हमला बताते हुए थाना प्रभारी ब्यौहारी को शिकायत सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि व्हाट्सएप ग्रुप “श्रमजीवी शहडोल” में लक्ष्मीकांत चतुर्वेदी द्वारा संगठन को सार्वजनिक रूप से “फर्जी” कहकर बदनाम करने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी टिप्पणियां भी की गईं जिनसे संगठन और उसके पदाधिकारियों की छवि को धक्का पहुंचा।
विवाद तब और गहरा गया जब सूर्यभान यादव द्वारा थाना ब्यौहारी में एक शिकायत प्रस्तुत की गई, जिसमें कथित रूप से रामराज गुप्ता का नाम जोड़ने का प्रयास किया गया। महासंघ का कहना है कि उक्त शिकायत और मामले से रामराज गुप्ता का दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं था, इसके बावजूद बिना किसी पुलिस जांच, साक्ष्य या वैधानिक प्रक्रिया के उन्हें सोशल मीडिया पर आरोपी के रूप में प्रचारित किया गया। महासंघ के पदाधिकारियों ने इसे न केवल एक पत्रकार की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा पर हमला बताया है, बल्कि इसे पत्रकार समाज को बदनाम करने की सुनियोजित कोशिश भी करार दिया है। उनका कहना है कि यदि किसी के पास कोई तथ्य या प्रमाण है तो उसे कानूनी मंच पर प्रस्तुत करना चाहिए, न कि सोशल मीडिया की अदालत लगाकर किसी की छवि खराब करनी चाहिए।
कार्रवाई करो, नहीं तो होगा आंदोलन –
पत्रकार महासंघ ने प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो 26 जून 2026 को दोपहर 12 बजे थाना ब्यौहारी परिसर में भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ के पत्रकारो द्वारा एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में शहडोल संभाग की विभिन्न इकाइयों के पत्रकारों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों और संगठन को “फर्जी” बताने के मामले में कोई ठोस कदम उठाएगा, या फिर यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ेगा? फिलहाल पूरे पत्रकार जगत की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। थाने से लेकर सोशल मीडिया तक इस मामले की चर्चा जोरों पर है।







