वैकल्पिक दमदार हेडिंग्स:
- “मध्य प्रदेश में जल्द लागू होगा UCC! CM मोहन यादव ने जनता से मांगे सुझाव”
- “तलाक से लेकर पारिवारिक कानून तक एक नियम! MP में UCC की तैयारी तेज”
- “अब नहीं चलेगा अलग-अलग कानूनों का दौर, MP में UCC लागू करने की तैयारी”
- “UCC पर जनता की राय लेगी सरकार, CM बोले- भेदभाव खत्म करने का समय आ गया”
मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठा दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य में जल्द ही UCC लागू किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने एक विशेष पोर्टल लॉन्च किया है, जहां आम नागरिक, सामाजिक संगठन और धार्मिक संस्थाएं अपने सुझाव दे सकेंगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आज के समय में धार्मिक, सामाजिक और पारिवारिक मामलों में अलग-अलग कानूनों की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों, तलाक, पारिवारिक परंपराओं और विभिन्न धार्मिक रीति-रिवाजों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार का कानूनी या सामाजिक भेदभाव नहीं होना चाहिए।
CM यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रसाद देसाई की अध्यक्षता में गठित 6 सदस्यीय समिति राज्यभर के जिलों का दौरा कर रही है। समिति विभिन्न समुदायों, धार्मिक नेताओं और सामाजिक संगठनों से बातचीत कर उनकी राय एकत्रित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों ने पहले ही UCC की दिशा में कदम बढ़ाए हैं और मध्य प्रदेश भी उसी राह पर आगे बढ़ रहा है। समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करने के बाद UCC का ड्राफ्ट बिल सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि UCC केवल सरकार का विषय नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए नागरिकों, सामाजिक समूहों और धार्मिक संगठनों को वेबसाइट पर जाकर अपने सुझाव अवश्य देने चाहिए।
सरकार का कहना है कि सभी पक्षों की राय लेने के बाद ऐसा कानून तैयार किया जाएगा, जो समानता, न्याय और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम करेगा।






