Aman Singh Singrauli
सिंगरौली। खनिज संपदा से समृद्ध जिले में अब अवैध खनिज परिवहन पर सख्ती का नया दौर शुरू हो गया है। राज्य शासन के संशोधित नियम 2022 के लागू होते ही जिले के तीन प्रमुख मार्गों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मानव रहित ई-चेक गेट पूरी तरह सक्रिय कर दिए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि इन हाई-टेक व्यवस्थाओं के बाद बिना अनुमति खनिज परिवहन करना लगभग नामुमकिन होगा।जिला कलेक्टर कार्यालय (खनिज शाखा) से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम तेलाई (तहसील सिंगरौली), ग्राम निगरी (तहसील सरई) और खनहना बैरियर (तहसील दुधमनिया) में ये ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं, जहां 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।तकनीक करेगी सटीक निगरानीजिला खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने बताया कि इन गेटों पर अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।हर खनिज वाहन पर अब RFID टैग अनिवार्य होगा, जो गेट से गुजरते ही वाहन की पूरी जानकारी सिस्टम में दर्ज करेगा।ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर) और वेरीफोकल कैमरे वाहन का नंबर और फोटो स्कैन करेंगे।सिस्टम खुद जांच करेगा कि वाहन में भरा खनिज ई-टीपी (e-Transit Pass) के अनुरूप है या नहीं। ओवरलोडिंग या गड़बड़ी पर तुरंत अलर्ट जारी होगा।उल्लंघन पर सख्त कार्रवाईनए सिस्टम के तहत नियम तोड़ने वालों के लिए अब बचना आसान नहीं होगा।अनियमितता पाए जाने पर ऑनलाइन जुर्माना तत्काल लगाया जाएगा।गंभीर मामलों में वाहन का पंजीयन निलंबित या निरस्त किया जा सकता है।जिला कलेक्टर को ऐसे वाहनों को राजसात (जब्त) करने के अधिकार दिए गए हैं।प्रशासन का कहना है कि इस पहल से खनिज परिवहन में पारदर्शिता आएगी और राजस्व की चोरी पर प्रभावी रोक लगेगी। अब “तीसरी आंख” की तरह काम करने वाले ये ई-चेक गेट जिले में 24×7 निगरानी रखेंगे।






