Share This

अमन सिंह सिंगरौली

जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरफरी में पदस्थ 31 वर्षीय लिपिक गजेंद्र सिंह की मौत ने कई असहज सवाल खड़े कर दिए हैं कोहंडल जंगल में एक पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका उनका शव सिर्फ एक “घटना” नहीं, बल्कि प्रशासन और जांच व्यवस्था की गंभीर परीक्षा बन चुका है गजेंद्र सिंह, निवासी ग्राम अतरैला, पोस्ट उमरिया, थाना मझौली, जिला सीधी, वर्ष 2014 से हरफरी विद्यालय में कार्यरत थे। बताया जाता है कि 23 फरवरी को उन्होंने अपनी मां के मोबाइल पर एक संदेश भेजा— “मुझे लोग मार डालेंगे।” यह एक साधारण वाक्य नहीं, बल्कि संभावित खतरे की सीधी चेतावनी थी और उसके अगले ही दिन उनका शव जंगल में फंदे से झूलता मिला यह संयोग है या साजिश? यही वह प्रश्न है जो पूरे मामले को सामान्य आत्महत्या की धारणा से अलग खड़ा करता है पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की, डॉग स्क्वॉड की मदद ली और शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चितरंगी भेजा। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत होने की बात कही जा रही है। लेकिन जब मृतक स्वयं अपनी जान को खतरा बता चुका था, तब क्या इस मामले को इतनी सहजता से आत्महत्या मान लेना जल्दबाजी नहीं होगी?


घटनास्थल की परिस्थितियां, शव की स्थिति और तकनीकी साक्ष्य— ये सब अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन मोबाइल संदेश इस पूरी कहानी का सबसे संवेदनशील और निर्णायक पहलू बन गया है यदि यह आत्महत्या है, तो फिर वह भय किससे था? और यदि हत्या है, तो फिर साजिश कितनी गहरी है? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे मृतक के परिजनों के बयान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और हाल के दिनों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है यह जरूरी भी है,क्योंकि ऐसे मामलों में एक छोटी सी अनदेखी भी सच्चाई को हमेशा के लिए दफना सकती है इस पूरे प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण है निष्पक्ष और पारदर्शी जांच परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, और जब तक सभी तथ्यों की गहन पड़ताल न हो जाए, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना न्याय के साथ अन्याय होगा गजेंद्र सिंह की मौत सिर्फ एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है जो अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को लेकर कितनी सजग है अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं—क्योंकि सच चाहे जो भी हो, सामने आना ही चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Author

cscsantoshm@gmail.com

Related Posts

शौचालय बने, भुगतान अटका; दो साल से अतिरिक्त प्रभार के भरोसे शाखा

Share This चितरंगी। जनपद पंचायत चितरंगी की स्वच्छ भारत मिशन शाखा की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि...

Read out all

फ्लाई ऐश संकट पर प्रशासन सख्त, कंपनी को कारण बताओ नोटिस

Share Thisसिंगरौली, 17 अगस्त। ग्राम हरहवा स्थित सासन पावर लिमिटेड के ऐश डाइक-1 के क्षतिग्रस्त होने के मामले में जिला प्रशासन ने...

Read out all

अफसर बने शिक्षक: बच्चों को पढ़ाया पाठ, स्कूल की अव्यवस्था पर बीईओ को फटकार

Share Thisऔचक निरीक्षण में खुली शिक्षा व्यवस्था की हकीकत, कक्षाओं में फर्नीचर की कमी पर जताई नाराजगी चितरंगी। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय...

Read out all

’20 हजार दो, तब होगी ज्वाइनिंग’ : चयनित अतिथि शिक्षिका ने लगाया रिश्वत मांगने का आरोप, कलेक्टर ने बैठाई जांच

Share Thisसिंगरौली | अमन सिंह सिंगरौली जिले के शासकीय उत्कृष्ट कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चितरंगी में अतिथि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर...

Read out all

गोदाम में सेंध लगाकर गैस सिलेंडर चोरी का खुलासा, 8 सिलेंडर व अल्टो कार बरामद; तीन आरोपी गिरफ्तार

Share Thisअमन सिंह, सिंगरौली | 4 अगस्त सिंगरौली जिले की बरगवां थाना पुलिस ने गैस गोदाम में हुई चोरी की वारदात का...

Read out all

चितरंगी अस्पताल की बड़ी लापरवाही! शव वाहन नहीं मिला तो बाइक से घर ले जाना पड़ा 8 वर्षीय मासूम का शव

Share Thisसर्पदंश से हुई बालक की मौत के बाद अस्पताल में नहीं मिली शव वाहन की सुविधा, परिजनों को मोटरसाइकिल पर शव...

Read out all