गुढ़ नगर परिषद की सफाई व्यवस्था इन दिनों सवालों के घेरे में है। नगर के विभिन्न वार्डों में गंदगी का ढेर लगा हुआ है, जबकि जिम्मेदार विभाग केवल मुख्य बाजार, बस स्टैंड और चुनिंदा सड़कों तक ही सफाई अभियान सीमित रखे हुए हैं। नगरवासियों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था अब जमीनी स्तर पर नहीं, बल्कि केवल फोटो और सोशल मीडिया तक सिमटकर रह गई है।
वार्डों की हालत बद से बदतर
नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 1 से 15 तक की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। गलियों की नालियां कचरे से पट चुकी हैं, जिनकी नियमित सफाई नहीं हो रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तेज बारिश हो जाए तो नालियों का गंदा पानी सीधे घरों में घुस जाता है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।
कई वार्डों में महीनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। न तो फिनायल का छिड़काव किया जा रहा है और न ही मच्छरनाशी दवाओं का। परिणामस्वरूप मच्छर और मक्खियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
सफाई अभियान केवल दिखावा?
नगरवासियों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी सुबह औपचारिक रूप से कुछ स्थानों पर झाड़ू लगाकर अभियान पूरा कर लेते हैं और फिर दिनभर परिषद कार्यालय परिसर में समय व्यतीत करते हैं। लोगों का कहना है कि सफाई कार्य केवल खानापूर्ति बनकर रह गया है, जबकि वास्तविक समस्या जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फोटो साझा कर उपलब्धि दर्शाई जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। वार्डों की तंग गलियों और नालियों में जमा कचरा प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहा है।
नवागत सीएमओ से उम्मीदें
नगर परिषद में हाल ही में पदस्थ हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से नागरिकों को काफी उम्मीदें हैं। लोगों का मानना है कि यदि वे स्वयं वार्डों का निरीक्षण करें और सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति देखें, तो सुधार संभव है।
नगरवासियों ने मांग की है कि:
- प्रत्येक वार्ड में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए
- नालियों की समयबद्ध सफाई हो
- मच्छरनाशी दवाओं का नियमित छिड़काव कराया जाए
- सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्य की निगरानी की जाए
जनता गंदगी में जीने को मजबूर
आज स्थिति यह है कि आमजन गंदगी के बीच जीवन यापन करने को विवश हैं। बदबू, गंदा पानी और बीमारियों का खतरा हर समय मंडरा रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
नगरवासियों की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई और फोटो सेशन तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई कर गुढ़ को वास्तव में स्वच्छ और स्वस्थ नगर बनाने की दिशा में काम करें।






