Aman Singh Singrauli
(सिंगरौली)। जनपद पंचायत चितरंगी क्षेत्र में पंचायत स्तर पर संचालित विकास कार्यों में सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों ने स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यशैली पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थिति यह है कि निर्माण कार्यों, मनरेगा और अन्य शासकीय योजनाओं में गड़बड़ियों के स्पष्ट आरोपों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी—एसडीओ—की ओर से अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आरोप है कि कई ग्राम पंचायतों में बिना कार्य के भुगतान, अधूरे निर्माण, फर्जी मस्टर रोल और सामग्री में हेराफेरी जैसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। चिंताजनक पहलू यह है कि इन शिकायतों के बावजूद न तो नियमित निरीक्षण की व्यवस्था दिखाई दे रही है और न ही निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो पा रही है। इससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं न कहीं प्रशासनिक स्तर पर मिलीभगत के चलते सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है सूत्रों के अनुसार, जनपद स्तर पर कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई। न तो दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हुई और न ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए। परिणामस्वरूप ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और अब वे जिला प्रशासन से सीधे हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।इस पूरे मामले में *एसडीओ की भूमिका भी सवालों के घेरे में* यह आवश्यक हो गया है कि यह जांच की जाए कि निरीक्षण में लापरवाही, शिकायतों को अनदेखा करने या दबाने में उनकी क्या जिम्मेदारी रही है। यदि समय रहते जवाबदेही तय नहीं की गई, तो पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस बढ़ते असंतोष को गंभीरता से लेते हुए क्या ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।






