Aman Singh Singrauli 6387139755
सिंगरौली की ऊर्जाधानी का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील थाना क्षेत्र माने जाने वाला मोरवा इन दिनों कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है क्षेत्र में लगातार बढ़ती अव्यवस्थाओं, यातायात नियमों की अनदेखी और कथित तौर पर फल-फूल रहे अवैध कारोबारों ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन समस्याओं के बीच पुलिस की भूमिका को लेकर भी स्थानीय लोगों में असंतोष और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
मोरवा की सड़कों पर इन दिनों हालात ऐसे हैं कि नो-एंट्री के नियम महज कागजों तक सीमित नजर आते हैं भारी-भरकम हाइवा और मालवाहक वाहन दिनदहाड़े रिहायशी क्षेत्रों और व्यस्त बाजारों से गुजरते देखे जा सकते हैं। मुख्य बाजार, रेलवे स्टेशन रोड और अन्य प्रमुख मार्गों पर लगने वाले लंबे जाम से स्कूली बच्चों, कर्मचारियों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए तो इन समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है इसके साथ ही क्षेत्र में कबाड़, डीजल हेराफेरी और नशे के अवैध कारोबार को लेकर भी लगातार चर्चाएं होती रही हैं नागरिकों का आरोप है कि इन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है, जिसके कारण असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं विशेष रूप से युवाओं के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को लेकर अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने कई बार चिंता व्यक्त की है आम जनता की एक और बड़ी शिकायत थाने की कार्यप्रणाली को लेकर है लोगों का आरोप है कि अपनी समस्याएं लेकर पहुंचने वाले फरियादियों को अपेक्षित सुनवाई नहीं मिलती, जिससे उन्हें बार-बार भटकना पड़ता है यही कारण है कि विभिन्न शिकायत मंचों, विशेषकर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों की संख्या बढ़ने की बात भी सामने आती रही है मोरवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में यदि कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और जनसुनवाई की व्यवस्था प्रभावी नहीं होगी तो इसका सीधा असर आम जनता के जीवन पर पड़ेगा ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी क्षेत्र की इन समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देंगे और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएंगे? जनता अब जवाब चाहती है क्या मोरवा में कानून का राज स्थापित होगा या फिर लोग इसी तरह अव्यवस्था, जाम और भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर रहेंगे? आने वाले दिनों में प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई ही इस प्रश्न का उत्तर तय करेगी।






