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दतिया।

दतिया विधानसभा सीट की राजनीति इन दिनों काफी गर्माई हुई है। कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता रद्द होने के बाद संभावित उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हालांकि मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन दोनों प्रमुख दलों ने अंदरखाने अपनी-अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दी है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कोर्ट से राजेंद्र भारती को राहत नहीं मिलती है, तो दतिया सीट पर उपचुनाव होना लगभग तय है। इसी संभावना को देखते हुए कांग्रेस इस सीट पर बड़ा राजनीतिक दांव खेलने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस पूर्व विधायक परिवार पर भरोसा जताते हुए राजेंद्र भारती के बेटे अनुज को चुनाव मैदान में उतार सकती है।

राहुल गांधी से मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चाएं

हाल ही में अनुज की मुलाकात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से कराई गई। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस संगठन युवा चेहरे के जरिए सहानुभूति और स्थानीय समीकरणों को साधने की रणनीति बना रहा है।

पार्टी के अंदर यह भी माना जा रहा है कि राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने के बाद क्षेत्र में कांग्रेस समर्थकों के बीच सहानुभूति का माहौल बन सकता है, जिसका फायदा पार्टी उपचुनाव में उठाना चाहती है।

बीजेपी भी तैयार, नरोत्तम मिश्रा पर नजर

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी भी इस संभावित उपचुनाव को लेकर पूरी तरह सतर्क दिखाई दे रही है। चर्चा है कि बीजेपी एक बार फिर अपने दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा पर भरोसा जता सकती है। नरोत्तम मिश्रा का दतिया क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक प्रभाव माना जाता है और बीजेपी उन्हें इस सीट पर सबसे मजबूत चेहरा मान रही है।

यदि कांग्रेस अनुज को मैदान में उतारती है और बीजेपी नरोत्तम मिश्रा को प्रत्याशी बनाती है, तो मुकाबला बेहद दिलचस्प और हाईप्रोफाइल हो सकता है। एक तरफ अनुभव और संगठनात्मक पकड़ होगी, तो दूसरी ओर युवा चेहरा और सहानुभूति का कार्ड।

29 जुलाई की सुनवाई पर टिकी नजरें

फिलहाल पूरा मामला अदालत में लंबित है और 29 जुलाई को इसकी अहम सुनवाई प्रस्तावित है। इसी सुनवाई के बाद यह साफ हो सकेगा कि राजेंद्र भारती को राहत मिलती है या दतिया में उपचुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी।

लेकिन राजनीतिक दलों की सक्रियता यह संकेत दे रही है कि दतिया में चुनावी माहौल अभी से बनने लगा है। आने वाले दिनों में यहां राजनीतिक बयानबाजी, संगठनात्मक बैठकें और जनसंपर्क अभियान तेज होने की संभावना है।

यदि उपचुनाव होता है, तो दतिया सीट प्रदेश की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल हो सकती है, जहां कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधी और कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।

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