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मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक अलग ही तरह का मामला सामने आया है, जहां एक विदाई समारोह विरोध का मंच बन गया। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त सी. के. दुबे के रिटायरमेंट कार्यक्रम में एक छात्र ने उन्हें गुलदस्ता देने की बजाय ‘बेशर्म के फूल’ भेंट कर दिए।

छात्र ने सबके सामने कहा कि अधिकारी का पूरा कार्यकाल भ्रष्टाचार से भरा रहा और ऐसे अधिकारियों की दोबारा नियुक्ति न हो। इस घटना से कार्यक्रम का माहौल अचानक बदल गया।

दरअसल, छात्रों का आरोप है कि आदिवासी छात्रावासों में भोजन और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है, और इसके लिए विभागीय लापरवाही व भ्रष्टाचार जिम्मेदार है।

छात्रों ने साफ कहा कि यह विरोध किसी एक व्यक्ति नहीं, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ है जहां गरीब बच्चों के हक के साथ समझौता किया जाता है। इस घटना ने यह संकेत दे दिया है कि अब युवा खुलकर सवाल उठा रहे हैं और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

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