भोपाल: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने दशकों पुरानी परीक्षा प्रणाली को बदलते हुए छात्रों के हित में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब बोर्ड परीक्षाओं में ‘सप्लीमेंट्री’ (पूरक परीक्षा) का शब्द इतिहास बन जाएगा। इसकी जगह अब ‘द्वितीय परीक्षा’ (Second Examination) प्रणाली लागू कर दी गई है।
🌟 नई व्यवस्था: सिर्फ फेल नहीं, पास होने वाले भी दे सकेंगे परीक्षा
अब तक सप्लीमेंट्री परीक्षा केवल उन छात्रों के लिए होती थी जो एक या दो विषयों में फेल होते थे। लेकिन अब:
- फेल छात्र: अपनी असफलता को सफलता में बदलने के लिए दोबारा परीक्षा दे सकेंगे।
- पास छात्र (Score Booster): यदि कोई छात्र पास है लेकिन अपने नंबरों से खुश नहीं है, तो वह अंक सुधार (Marks Improvement) के लिए किसी भी विषय की परीक्षा फिर से दे सकता है।
फायदा: छात्रों का पूरा साल बर्बाद होने से बचेगा और उन्हें अपना प्रतिशत (Percentage) सुधारने का समान अवसर मिलेगा।
आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण नियम
बोर्ड ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी रखा है। छात्रों को इन 3 बातों का विशेष ध्यान रखना होगा:
- 7 दिनों का समय: मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आने के मात्र 7 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।
- ऑनलाइन मोड: आवेदन केवल MP Online Kiosk के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
- निर्धारित शुल्क: परीक्षा में शामिल होने के लिए बोर्ड द्वारा तय किया गया आवेदन शुल्क जमा करना होगा।
अधिक जानकारी के लिए यहाँ देखें
छात्र विस्तृत टाइम-टेबल, नियम और दिशा-निर्देशों के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं:
वेबसाइट: www.mpbse.nic.in
शिक्षण जगत में इसे एक “मील का पत्थर” माना जा रहा है, क्योंकि इससे छात्रों का मानसिक तनाव कम होगा और उन्हें अपनी योग्यता साबित करने का दूसरा मौका मिलेगा।






