1 जुलाई 2025 से मिलेगा बढ़ा 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता, अब 58 प्रतिशत के मान से मिलेगा महंगाई भत्ता
मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: महंगाई भत्ता बढ़ा, सिंचाई परियोजना और युवाओं के लिए नई योजनाएं मंजूर
भोपाल में आयोजित मंत्री-परिषद की बैठक में राज्य सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी। यह वृद्धि 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी, जिसके बाद महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा। यह लाभ सातवें वेतनमान प्राप्त कर रहे शासकीय सेवकों को मिलेगा। इसके साथ ही छठवें वेतनमान के कर्मचारियों तथा निगम-मंडल और उपक्रमों में प्रतिनियुक्त कर्मचारियों के लिए भी समानुपातिक आधार पर महंगाई भत्ता बढ़ाने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है।
सरकार ने 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की एरियर राशि के भुगतान का भी स्पष्ट शेड्यूल तय किया है। यह राशि छह समान किश्तों में दी जाएगी, जिसमें पहली किश्त मई 2026, दूसरी जून, तीसरी जुलाई, चौथी अगस्त, पांचवीं सितंबर और छठवीं अक्टूबर 2026 में भुगतान की जाएगी। वहीं, 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त या मृत शासकीय सेवकों के मामलों में एरियर का भुगतान संबंधित व्यक्ति या नामांकित सदस्य को एकमुश्त किया जाएगा।
पेंशनर्स को भी राहत देते हुए राज्य सरकार ने 1 जनवरी 2026 से सातवें वेतनमान के अंतर्गत 58 प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान के अंतर्गत 257 प्रतिशत पेंशन राहत को मंजूरी दी है। यह निर्णय छत्तीसगढ़ शासन के 9 फरवरी 2026 के पत्र के अनुरूप लिया गया है।
विकास कार्यों के तहत कैबिनेट ने रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना को 82 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से स्वीकृति दी है। इस परियोजना के माध्यम से 4500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे जवा और त्योंथर तहसील के 18 गांवों के लगभग 950 किसान परिवार सीधे लाभान्वित होंगे। यह परियोजना क्षेत्रीय कृषि उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में “शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026” को भी मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 4000 युवाओं को हर वर्ष सेना, पुलिस, होमगार्ड और निजी सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान पुरुष अभ्यर्थियों को 1000 रुपये तथा महिला अभ्यर्थियों को 1100 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाएगी। प्रदेश के 10 स्थानों पर 40 प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां महिला और पुरुष अभ्यर्थियों को अलग-अलग प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें कम से कम 35 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी, साथ ही निशुल्क आवास, भोजन और अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत संचालित संस्थानों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने का निर्णय लिया गया है, जिससे इस क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों को आर्थिक संबल मिलेगा। वहीं, आंगनवाड़ी केंद्रों में अति कम वजन (SUW) के बच्चों के लिए पूरक पोषण आहार की राशि 8 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है, जिससे कुपोषण से निपटने में मदद मिलेगी।
मंत्री-परिषद ने प्रदेश में विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों के लिए लगभग 6,940 करोड़ रुपये की बड़ी राशि को भी मंजूरी दी है। इसमें ग्रामीण आवास और परिवहन अधोसंरचना के लिए 2,933 करोड़ रुपये, वाणिज्यिक कर ट्रिब्यूनल एवं विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए 37 करोड़ रुपये तथा सूचना प्रौद्योगिकी और स्थापना व्यय के लिए 162 करोड़ रुपये शामिल हैं।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत मंत्रालय भवन, विधानसभा और विधायक विश्राम गृह, नवीन विश्राम गृह, शासकीय आवास, स्टेट गेस्ट हाउस और कार्यालय भवनों के निर्माण के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों और राजधानी परियोजनाओं के लिए भी वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।
इसके अलावा जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं के लिए 102 करोड़ रुपये, तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की योजनाओं—जैसे स्मार्ट पीडीएस, मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम, उज्जवला, प्रधानमंत्री गतिशक्ति और मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना—के संचालन के लिए 865 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
इन सभी निर्णयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार एक ओर जहां कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक राहत देने पर ध्यान दे रही है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे, कृषि, पोषण और युवा सशक्तिकरण के माध्यम से समग्र विकास को गति देने की दिशा में भी बड़े कदम उठा रही है।






