(चितरंगी): धर्म और संस्कृति के संरक्षण हेतु दिग्विजय प्रताप सिंह की बर्दी से शुरू हुई 151 किमी की ‘सोनभद्र परिक्रमा’ पदयात्रा ने अपने पहले पड़ाव में ही सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।राजघाट में भक्ति का संगमइस पदयात्रा का प्रथम पड़ाव राजघाट स्थित कुठुली शिव शंकर मंदिर में रहा। चंदेल वंश के ज्येष्ठ घराने के योगेंद्र सिंह (लल्लू दादा) की अगुवाई में पहुँची इस यात्रा का ग्रामीणों ने अभूतपूर्व स्वागत किया। शाम को भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना के बाद पूरा वातावरण शिवमय हो गया।भक्ति का संकल्प: 12 घंटे का अखंड कीर्तनइस पावन अवसर पर योगेंद्र सिंह के मार्गदर्शन से प्रभावित होकर स्थानीय निवासी महेश यादव ने एक सराहनीय संकल्प लिया। उन्होंने अब से हर महीने के चौथे सोमवार की शाम को 12 घंटे का अखंड ‘सीताराम’ संकीर्तन करने का प्रण लिया है, जो सनातन धर्म के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा को दर्शाता है।सोनभद्र परिक्रमा का यह पहला पड़ाव न केवल सफल रहा, बल्कि इसने समाज में एकजुटता और धर्म के प्रति नई चेतना जागृत की है।






