सिंगरौली, 15 दिसंबर 2025।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में बैंकिंग गतिविधियों, ऋण वितरण, रिकवरी की स्थिति तथा विभिन्न शासकीय एवं विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में एलडीएम द्वारा बैंक शाखाओं की उपलब्धियों, ऋण वितरण की स्थिति तथा जिले में संचालित हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई। समीक्षा के उपरांत सीईओ जिला पंचायत ने कृषि ऋण, शिक्षा ऋण, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूहों के बैंक-लिंकिंग, हाउसिंग लोन एवं रोजगारोन्मुखी योजनाओं पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (Priority Sector Lending) के अंतर्गत स्टैंडअप इंडिया एवं स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं में बड़े ऋण वितरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
सीईओ ने जिले की एनपीए (NPA) दर कम करने के लिए सभी बैंकों को समय-सीमा में ऋण वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजनाओं के प्रभावी उपयोग, आरआरसी जारी कर आरसीएमएस पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा सामाजिक सुरक्षा व पेंशन योजनाओं से अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को जोड़ने पर बल दिया।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी बैंक अपने सूचना पटल एवं वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को मृत्यु के उपरांत 45 दिवस के भीतर बीमा क्लेम की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करें, ताकि क्लेम राशि का भुगतान समय पर हो सके। साथ ही, बैंक खातों के नियमित उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
सीईओ ने कहा कि जिले के ग्रामीण अंचलों में वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता शिविरों का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाए। इन शिविरों में किसान, छात्र, एमएसएमई उद्यमी, वृद्धजन एवं स्वयं सहायता समूहों को शामिल कर उन्हें ऋण, पेंशन एवं डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने शासन की महत्वाकांक्षी स्वरोजगार योजनाओं के लंबित प्रकरणों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रकरणों के लंबे समय तक लंबित रहने से लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं हो पा रही है, जो चिंताजनक है। सीईओ ने निर्देश दिए कि दिसंबर माह के अंत तक शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना अनिवार्य है। विभागीय अधिकारियों को बैंकों से समन्वय कर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कराने तथा लक्ष्य से 125 प्रतिशत तक प्रकरण बैंक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन प्रकरणों में दस्तावेजों की कमी है, उनकी पूर्ति कर शीघ्र बैंक को उपलब्ध कराई जाए, ताकि हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके। बैंकों को निर्देश दिए गए कि लंबित प्रकरणों का तत्परता से निराकरण सुनिश्चित करें। वहीं, एलडीएम को बैंक में प्राप्त प्रकरणों की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अरविंद डामोर, एलडीएम रंजीत सिंह, संबंधित विभागों के अधिकारी, नाबार्ड अधिकारी तथा विभिन्न बैंकों के प्रबंधक उपस्थित रहे।






