March 1, 2024

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बिजली बिल तो कम हो गया, क्‍या व्‍यपारियों को भी राहत मिलेगी ?

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भोपाल: मध्‍य प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन से बेहाल बिजली उपभोक्‍ताओं का बड़ी राहत दी है। इसके तहत घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका एलान करते हुए कहा कि घर पर रहने से लोगों के बिजली के बिल बड़े-बड़े आए हैं। जिनका अप्रैल महीने में 100 रु. आया है उनसे मई, जून, जुलाई में 50 रु. बिल लिया जाए। इससे 56 लाख उपभोक्ताओं को 255 करोड़ का लाभ होगा जो हम सरकारी खजाने से बिजली विभाग को देंगे। उन्‍होंने कहा कि 100-400रुपये बिजली बिल वालों को सिर्फ 100 और 400 से अधिक बिल वालों को केवल आधा बिल देना होगा। इससे उपभोक्ताओं को 183 करोड़ रुपये का फायदा होगा जिसका वहन सरकार करेगी।इसके अलावा इन तीन महीने के दौरान प्रदेश के व्यावसायिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के बिलों में फिक्स चार्ज की राहत दी गई है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं को नियत प्रभार को डेफर किया गया है वो 6 समान किश्तों में अक्तूबर 2020 से मार्च 2021 तक भुगतान कर सकते हैं उन्हें 183 करोड़ का फायदा होगा। अप्रैल और मई में नियत तिथि पर जो बिल जमा कर रहे हैं उन्हें 1 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इस प्रकार 95 लाख परिवारों को 623 करोड़ रु. का लाभ दिया जा रहा है।

उन्‍होंने कहा कि अगर आपको कोई परेशानी है तो कॉल सेंटर में कॉल कीजिए। आपकी समस्या का समाधान निकाला जाएगा। मैं हमेशा से कहता आया हूं कि मध्य प्रदेश मेरा मंदिर है, उसमें रहने वाली जनता ही मेरी भगवान है और उस जनता का पुजारी शिवराज सिंह चौहान है।

जून माह में बिल आ गये हैं, और सरकार ने अपना वादा निभाया है। जून माह के बिलों में सब्सिडी का पैसा कम करते हुये बिलों को भेजा गया है।

सरकार व्‍यापारियों के लिये क्‍या कर रही है ?

  • क्‍या व्‍यापारियों की दूकाने जिन माहों में बंद रही हैं उन माहों का टेलीफोन, ब्राडबैंड के बिलों को भी माफ किया जायेगा?
  • क्‍या किराये पर ली गई दुकानों का किराया माफ होगा?
  • जिन व्‍यापारियों ने जी.एस.टी. नही जमा किया है, क्‍या जी.एस.टी. में राहत मिलेगी?
  • छोटे व्‍यापारी ”जिनका रोज का कमाना रोज का खाना था” लॉकडाउन में व्‍यापार की कमर टूट गई है उन छोटेे व्‍यापारियों को क्‍या राहत दी जायेगी?
    • ऐसे बहुत से सवाल व्‍यापारियों के मन में कौंध रहे हैं, पर किससे कहें, आखिर व्‍यापार करना है, तभी तो दो वक्‍त की रोटी का इंतजाम हो पायेगा।

माननीय शिवराज जी ने चीन पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्‍होंने कहा कि हमें चीन का सामान नहीं खरीदना है, भारत में बना सामान ही खरीदना है। चीन की दादागिरी थोड़ी चलेगी। ये आज का भारत है, 1962 का भारत नहीं है, अब मोदी जी प्रधानमंत्री हैं। हमसे कोई गड़बड़ करेगा तो हम छोड़ेंगे नहीं।


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