June 17, 2024

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परत दर परत सामने आ रहीं ग्राम पंचायत रायपुर की भ्रष्टाचार की कहानी

रोजगार सहायक व प्रभारी सचिव लगातार सात वर्षों से गबन कर रहा पंचायत का पैसा
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मानपुर । श्रीकांत निगम

मानपुर (रायपुर) : 22.01.2022 – जनपद पंचायत मानपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत रायपुर में हुए भ्रष्टाचार की परतें रुकने का नाम नहीं ले रहीं हैं. कहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से पैसा लेना तो कहीं मनरेगा में हेरफेर करके पैसों का गबन करना तो अब मेढ़ बंधान के नाम पर लोगों का शोषण करना लगातार खुल रहा है.

ग्राम पंचायत रायपुर के अनेकों आदिवासी लोगों की आवाज बन चुके विजय पाल सिंह इस समय घर घर जाकर लोगों की समस्याए सामने ला रहे हैं.

विजय पाल सिंह ने बताया, “मैं ग्राम पंचायत रायपुर का निवासी हूँ चूंकि यह गाँव आदिवासी बाहुल्य है तो अनेकों गरीब आदिवासी सहायक रोजगार व प्रभारी सचिव के खिलाफ आवाज नहीं उठा पाते किन्तु जब इन्होंने मुझे अपनी समस्याओं से अवगत कराया तब मैंने तुरंत प्रशासन में इसकी शिकायत की.”

विजय पाल सिंह बताते हैं, “मैंने पिछले दिनों प्रभारी सचिव के खिलाफ कलेक्टर को सूचित किया है किंतु आज पुनः कुछ लोगों ने बताया कि कैसे उनका शोषण किया गया है.”

ग्राम पंचायत रायपुर के निवासी लिग्गा बैगा बताते हैं, “मुझे मेढ़ बंधान के लिए कहा गया था तो मैं कुछ मजदूरों से काम करवाया था किंतु पंचायत के रोजगार सहायक दीपेंद्र द्विवेदी ने उसका भुगतान नहीं किया. मेरी बहु ने खुद करीब 14 दिन तक काम किया था किंतु आज चार साल बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया और जब भी मैं उनसे पैसे की बात करता हूँ वो मुझसे गाली गलौज करते हैं.”

एक अन्य ग्रामवासी जिनका नाम बिहारी बैगा है ने बताया, “मेढ़ बंधान का कार्य हमसे कराया गया किन्तु हमे भुगतान राशि नहीं मिली जब भी हम सचिव और सरपंच से इस विषय मे बात करते हैं तो उनके द्वारा बताया जाता है कि पैसा दिया जा चुका है जबकि वास्तव में हमारे खाते में किसी प्रकार का पैसा नहीं मिला.”

बालश्रम भी कराया जा रहा

भारतीय संविधान में अनुच्छेद 24 के तहत यह प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है कि कारखानों या किसी परिसंकटमय नियोजन में बच्चों को काम मे नहीं लगाया जाएगा. किन्तु ग्राम पंचायत के अंतर्गत तालाब के निर्माण का कार्य चल रहा है मौके पर पंचायत का कोई कर्मी मौजूद नहीं था वहां केवल सरपंच के लड़के की देखरेख में गांव के ही कुछ बच्चों से काम कराया जा रहा था. विजयपाल सिंह बताते हैं जब मैं वहां पहुंचा तो बच्चों को वहां से भगा दिया गया जब मैं सरपंच के लड़के से पूछा कि बच्चों को काम में क्यों नियोजित किया गया तो उसके द्वारा बताया गया, “मैं इन्हें नहीं बुलाता ये लोग जबरजस्ती आकर काम करते हैं.”

तालाब में ही काम करने वाले एक लड़के जिसका नाम गुड्डू साहू है जो कि कक्षा 9वीं का छात्र है, ने बताया मेरे माता पिता दोनो विकलांग हैं जिनकी जगह तालाब में काम करने के लिए मुझे व मेरी बहन रोशनी साहू को गाँव के सचिव द्वारा बुलाया जाता है हम दोनों वहां पूरे समय तक काम करते हैं.”

ग्राम पंचायत रायपुर में इतनी सारी अनियमितताएँ हैं. लगभग हर नागरिक रोजगार सहायक व प्रभारी सचिव दीपेंद्र द्विवेदी के कार्यों से परेसान हैं. जिला प्रशासन जो इस विषय में तुरंत संज्ञान में लेकर जांच व कार्यवाही के आदेश दिए जाने चाहिए.



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