March 1, 2024

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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में आपको कैसे मिल सकता है लोन? पूरी जानकारी।

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PMMY के तहत मिलने वाले लोन की खास बात यह है कि इसके तहत लोन लेने वाले चार लोगों में से तीन महिलाएं हैं।

केंद्र सरकार ने छोटे उद्यम शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) शुरू की है. इसके तहत लोगों को अपना उद्यम (कारोबार) शुरू करने के लिए छोटी रकम का लोन दिया जाता है. यह योजना अप्रैल 2015 में शुरू हुई थी।

क्या है मुद्रा योजना (PMMY) का मकसद?
केंद्र सरकार की मुद्रा योजना (PMMY)के दो उद्देश्य हैं. पहला, स्वरोजगार के लिए आसानी से लोन देना. दूसरा, छोटे उद्यमों के जरिए रोजगार का सृजन करना। अगर आप भी अपना कारोबार शुरू करने के लिए पूंजी की समस्या का सामना कर रहे हैं तो केंद्र सरकार की PMMY से आप अपने सपने को साकार कर सकते हैं। सरकार की सोच यह है कि आसानी से लोन मिलने पर बड़े पैमाने पर लोग स्वरोजगार के लिए प्रेरित होंगे। इससे बड़ी संख्या में रोजगार के मौके भी बनेंगे।

मुद्रा योजना (PMMY) से पहले तक छोटे उद्यम के लिए बैंक से लोन लेने में काफी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थीं। लोन लेने के लिए गारंटी भी देनी पड़ती थी. इस वजह से कई लोग उद्यम तो शुरू करना चाहते थे, लेकिन बैंक से लोन लेने से कतराते थे।

महिलाओं पर फोकस
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) का पूरा नाम माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट रीफाइनेंस एजेंसी (Micro Units Development Refinance Agency) है। मुद्रा योजना (PMMY) की खास बात यह है कि इसके तहत लोन लेने वाले चार लोगों में से तीन महिलाएं हैं।

क्या हैं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के लाभ?
मुद्रा योजना (PMMY) के तहत बिना गारंटी के लोन मिलता है। इसके अलावा लोन के लिए कोई प्रोसेसिंग चार्ज भी नहीं लिया जाता है। मुद्रा योजना (PMMY) में लोन चुकाने की अवधि को 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है। लोन लेने वाले को एक मुद्रा कार्ड मिलता है, जिसकी मदद से कारोबारी जरूरत पर आने वाला खर्च किया जा सकता है.

कौन ले सकता है मुद्रा योजना (PMMY) के तहत लोन?
कोई भी व्यक्ति जो अपना व्यवसाय शुरू करना चाहता है, वह PMMY के तहत लोन ले सकता है. अगर आप मौजूदा कारोबार को आगे बढ़ाना चाहते हैं और उसके लिए पैसे की जरूरत है तो आप प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

PMMY में कितने तरह के लोन मिलते हैं?

देश में छोटे कारोबारियों (SME) को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गयी मुद्रा लोन योजना (PMMY) में तीन तरह के लोन मिलते हैं. हर कैटेगरी के लिए लोन की अधिकतम रकम तय की गई है।

मुद्रा योजना (PMMY) में हैं तीन तरह के लोन

  • शिशु लोन : शिशु लोन के तहत 50,000 रुपये तक के कर्ज दिए जाते हैं।
  • किशोर लोन: किशोर कर्ज के तहत 50,000 से 5 लाख रुपये तक के कर्ज दिए जाते है।
  • तरुण लोन: तरुण कर्ज के तहत 5 लाख से 10 लाख रुपये तक के कर्ज दिए जाते हैं।


PMMY शिशु लोन

समाज के कमजोर तबके के लिए PMMY में शिशु लोन के तहत बैंक 50 हजार रुपये तक का लोन देते हैं। शिशु मुद्रा लोन ऐसे लोगों के लिए बनाया गया गया है, जो पहली बार कारोबार शुरू करना चाहते हैं और उनकी कामकाजी पूंजी की जरूरत कम है।

PMMY किशोर लोन

PMMY में किशोर मुद्रा लोन के तहत आप 50,000 रुपये से 5 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं. किशोर मुद्रा लोन वास्तव में उन लोगों के लिए है, जो पहले से कारोबार कर रहे हैं और उसे विस्तार देने के लिए वित्तीय मदद चाहते हैं।

PMMY तरुण लोन

तरुण मुद्रा लोन के तहत आप 5 लाख से 10 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं। तरुण मुद्रा लोन ऐसे लोगों के लिए पेश किया गया है, जिनका पहले से स्थापित कारोबार है, और उसे विस्तार देने के लिए आर्थिक मदद की जरूरत है।

आम तौर पर शिशु मुद्रा लोन चुकाने के लिए आपके पास 5 साल तक का समय होता है. अगर आप इस अवधि में लोन वापस नहीं कर पाते हैं तो जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है।

इस हिसाब से हालांकि आप बैंक को मुद्रा लोन पर अधिक ब्याज चुकायेंगे, क्योंकि ब्याज की दर सालाना आधार पर तय की जाती है।


PMMY के लोन पर कोई सब्सिडी नहीं
मुद्रा लोन योजना (PMMY) के तहत लिए जाने वाले कर्ज पर केंद्र सरकार कोई सब्सिडी नहीं देती है।  किशोर और तरुण मुद्रा लोन की रीपेमेंट की समय सीमा और मासिक किस्त (EMI) आपके लोन की रकम और कारोबार की प्रकृति के हिसाब से तय की जाती है.

मुद्रा लोन योजना (PMMY) के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप इस टोलफ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं: 1800 180 1111

प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना में ब्याज दरें कितनी हैं?

अगर आप अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं और पूंजी की दिक्कत से जूझ रहे हैं तो प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत लोन ले सकते हैं। इसके लिए शर्त यह है कि आपको लोन 10 लाख रुपये तक का ही मिलेगा। मुद्रा योजना (PMMY) के तहत छोटे कारोबारी लोन दिए जाते हैं। आप मौजूदा कारोबार को बढ़ाना चाहते हैं तो भी आप प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत 10 लाख रुपये तक के कर्ज के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत लिए जाने वाले कर्ज पर ब्याज की दर निश्चित नहीं है। अलग-अलग बैंक मुद्रा लोन (PMMY) योजना के तहत दिए गए कर्ज पर अलग-अलग दर से ब्याज वसूल सकते हैं।

वास्तव में मुद्रा लोन (PMMY) पर ब्याज दरें कारोबार की प्रकृति और उससे जुड़े जोखिम पर निर्भर करती है। आम तौर पर मुद्रा लोन (PMMY) पर न्यूनतम ब्याज की दर 10-12 फीसदी सालाना है। लोन लेते समय उस बैंक की जो भी ब्याज दर होगी, आपके उसी के हिसाब से लोन मिलेगा। मान लीजिये कि आपने अपने कारोबार के लिए दो लाख रुपये का मुद्रा लोन (PMMY) किसी बैंक से 10 फीसदी सालाना के ब्याज पर लिया है। दो महीने बाद बैंक ने ब्याज दरें बढ़ाकर 12 फीसदी कर दी। यह ब्याज दर आपके मुद्रा लोन (PMMY) पर लागू नहीं होगी. आपको 10% ब्याज दर के हिसाब से ही लोन चुकाना पड़ेगा।

बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा ब्याज दर में किसी तरह का बदलाव करने पर पहले से मंजूर लोन पर उसका कोई असर नहीं पड़ेगा। आम तौर पर बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा 50 हजार रुपये तक के शिशु मुद्रा लोन (PMMY) पर ब्याज दर 10-12% होती है। 50,000 रुपये से अधिक के लोन की ब्याज दर हर बैंक में अलग-अलग होती है. मुद्रा लोन (PMMY) के तहत ब्याज दरें कर्ज की रकम और रीपेमेंट की अवधि आदि के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। मुद्रा लोन (Mudra Loan) की ब्याज दर बैंक के हिसाब से 12-18 फीसदी तक हो सकती है।

आप कैसे ले सकते हैं PMMY लोन?
मुद्रा योजना (PMMY) के तहत लोन के लिए आपको सरकारी या बैंक की शाखा में आवेदन देना होगा। अगर आप खुद का कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो आपको मकान के मालिकाना हक़ या किराये के दस्तावेज, काम से जुड़ी जानकारी, आधार, पैन नंबर सहित कई अन्य दस्तावेज देने होंगे। बैंक का ब्रांच मैनेजर आपसे कामकाज से बारे में जानकारी लेता है। उस आधार पर आपको PMMY लोन मंजूर करता है। कामकाज की प्रकृति के हिसाब से बैंक मैनेजर आपसे एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाने के लिए कह सकता है।

PMMY के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप इस वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं: http://www.mudra.org.in/

मुद्रा लोन लेने में किन दस्तावेजों की पड़ती है जरूरत?

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत लोन लेने के लिए कुछ दस्तावेज जरूरी हैं. मुद्रा योजना के तहत तीन तरह के लोन मिलते हैं, जिनके लिए अलग-अलग दस्तावेजों की जरूरत हो सकती है. आम तौर पर मुद्रा लोन वेंडर, ट्रेडर, दुकानदार और अन्य कारोबार के लिए दिए जाते हैं।
मुद्रा लोन लेकर आप टैक्सी-ट्रांसपोर्ट का भी काम शुरू कर सकते हैं. इसके अलावा अगर आप छोटी यूनिट लगाना चाहते हैं तो मशीनरी और कच्चा माल आदि खरीदने के लिए भी लोन लिया जा सकता है।
देश में 27 सरकारी बैंक, निजी क्षेत्र के 17 बैंक, 31 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, 4 सहकारी बैंक, 36 माइक्रो फाइनेंस संस्थान और 25 गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) को मुद्रा लोन बांटने के लिए अधिकृत किया गया है।
केंद्र सरकार के निर्देश के हिसाब से मुद्रा लोन की कुल रकम का कम से कम 60 फीसदी से अधिक हिस्सा शिशु मुद्रा लोन के रूप में देना जरूरी है.

मुद्रा लोन लेने के लिए फॉर्म के साथ लगाये जाने वाले दस्तावेज

  1. दो फोटो
  2. पहचान का प्रमाण
    खुद की पहचान संबंधी दस्तावेज के रूप में आप इन दस्तावेजों में से किसी एक की फोटोकॉपी जमा कर सकते हैं. कागजात की फोटो कॉपी पर आपको अपना हस्ताक्षर भी करना होगा. मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि
  3. निवास संबंधी प्रमाण
    अपने पते के प्रमाण के रूप में आप इनमें से कोई एक कागजात की फोटोकॉपी जमा कर सकते हैं.
    टेलीफोन बिल, बिजली का बिल, संपत्ति कर रसीद, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट, बैंक पासबुक का तीन महीने का स्टेटमेंट आदि

आरक्षित वर्ग का सर्टिफिकेट
अगर आप अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग आदि से आते हैं तो उसके प्रमाणपत्र की फोटोकॉपी।


कारोबार का पहचान व पते का प्रमाण
अपने कारोबार से संबंधित लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या अन्य कोई दस्तावेज जमा करना होगा. यह इस बात का प्रमाण है कि आप उस बिजनेस के मालिक हैं।


कोटेशन: मशीनरी या सामान की आपूर्ति के लिए
अगर आप बिजनेस बढ़ाने के लिए मुद्रा लोन ले रहे हैं तो इस कोटेशन में आप सामान या मशीनरी खरीदने की लागत आदि दिखा सकते हैं।

आपूर्ति करने वाले का नाम, मशीन या सामान का विवरण
कारोबार बढ़ाने में आपको मशीन या कच्चे माल आदि की जरूरत पड़ती है. ऐसे में आप सामान किससे खरीद रहे हैं और किस कीमत पर खरीद रहे हैं, इस बारे में भी बैंक को बताना पड़ेगा।

कृपया ध्यान रखें
हम आपको ये सभी जानकारी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के फॉर्म में छपी चेकलिस्ट के हिसाब से दे रहे हैं. सामान्य स्थितियों में मुद्रा लोन के लिए आवेदन फॉर्म के साथ यही दस्तावेज जमा किए जाते हैं.

कई बार लोन देने वाला बैंक या वित्तीय संस्थान उस इलाके या कारोबार की जरूरत के हिसाब से जरूरी दस्तावेजों की सूची में बदलाव कर सकता है.

मुद्रा लोन लेने के लिए जरूरी दस्तावेज की जानकारी के लिए आप अपने पास की बैंक शाखा से संपर्क कर सकते हैं.

अगर आप बिजनेस बढ़ाने के लिए मुद्रा लोन ले रहे हैं तो इस कोटेशन में आप सामान या मशीनरी खरीदने की लागत आदि दिखा सकते हैं.


बैंक का नाम, ब्याज दर और मुद्रा लोन वापसी की अवधि के बारे में देखें

मुद्रा योजना छोटे उद्यमियों (SME) को आसानी से कर्ज उपलब्ध कराने की सरकार की योजना है. इसका पूरा नाम माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रीफाइनेंसिंग एजेंसी है.


मुद्रा लोन योजना के तहत छोटे व्यापारियों और उद्योगों को कामकाजी पूंजी के रूप में वित्तीय सहायता दी जाती है. इसे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के नाम से भी जाना जाता है.

छोटे उद्यमियों को व्यापार शुरू करने या व्यापार के विस्तार के लिए लोन लेने में दिक्कत आती थी. मुद्रा लोन योजना इसी परेशानी को हल करने के लिए शुरू की गई है.

मुद्रा योजना के तहत आप नया कारोबार/उद्योग शुरू करने के लिए या अपने पुराने कारोबार को बढ़ाने के लिए लोन ले सकते हैं. मुद्रा लोन योजना के तहत आप 10 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं. यह लोन किसी भी कमर्शियल बैंक से लिये जा सकते हैं.

आप PMMY के तहत टर्म लोन, ओवरड्राफ्ट सुविधा या कैश क्रेडिट जैसी सेवा पा सकते हैं।

मुद्रा योजना से देश में रोजगार को भी बढ़ावा मिला है. केंद्र की मोदी सरकार की सोच यह है कि मुद्रा योजना में अगर कोई व्यक्ति कारोबार करने के लिए लोन लेता है तो वह कम से कम तीन-चार और लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार देता है. इससे देश में बेरोजगारी कम करने में भी काफी मदद मिल सकती है।

मुद्रा योजना के तहत लोन बांटने में महिला और अनुसूचित जाति/जनजाति के आवेदकों को प्राथमिकता दी जाती है. मुद्रा योजना के तहत अब तक 1,05,272 करोड़ रुपये के लोन बांटे जा चुके हैं।

केंद्र सरकार के मुताबिक मुद्रा लोन योजना के शुरू होने के बाद से अब तक बैंक ने 12 करोड़ उद्यमियों को छह करोड़ रुपये के लोन बांटे हैं. सरकारी जानकारी के हिसाब से PMMY के 12 करोड़ लाभार्थियों में से 28 फीसदी या 3.25 करोड़ पहली बार कारोबार कर रहे हैं।

मुद्रा योजना के तहत अब तक 9 करोड़ महिलाओं को लोन मिला है जो कुल लाभार्थियों का 75फीसदी है. इनमें से आधी से अधिक महिलाएं समाज के पिछड़े तबके (अनुसूचित जाति/जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग) से आती हैं।

PMMY में लोन लेने के लिए संपत्ति गिरवी रखना पड़ेगा?

आज सरकार की कई स्कीमें हैं, जो छोटे उद्योगों को संपत्ति गिरवी रखे बगैर उचित ब्याज दरों पर कर्ज मुहैया कराती हैं।

छोटे कारोबारियों को लोन मिलने में अक्सर दिक्कतें आती हैं. बैंक इन्हें लोन देने में कतराते हैं. वजह है कि इस तरह के लोन के साथ ज्यादा जोखिम होता है.

जब बीते साल श्वते सांघवी वर्किंग कैपिटल के लिए एक बैंक के पास पहुंचे तो उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा. तमाम दस्तावेज देने की जरूरत थी और मंजूरी की प्रक्रिया बेहद सुस्त.

लोन की रकम को लेकर सुरक्षा न होने के कारण लोन के खारिज होने का खतरा था. संपत्ति पर लोन मिलना आसान होता है. देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमर्इ) समय से पर्याप्त कर्ज न मिलने की समस्या से जूझते रहे हैं. जोखिम होने के कारण बैंक इन्हें लोन देने से बचते हैं.

इसी का नतीजा है कि लोन के बदले किसी संपत्ति को गिरवी रखने पर जोर दिया जाने लगा. लेकिन, ग्राहकों के लिए हमेशा यह काम आसान नहीं होता है. आज सरकार की कर्इ स्कीमें हैं, जो छोटे उद्योगों को संपत्ति गिरवी रखे बगैर उचित ब्याज दरों पर कर्ज मुहैया कराती हैं.

इस तरह के कर्ज को बैंकिंग की भाषा में कोलेट्रल-फ्री लोन कहा जाता है. दूसरे शब्दों में जब बैंक या वित्तीय संस्थान लोन देने के लिए किसी संपत्ति को गिरवी नहीं रखता है तो उस तरह का कर्ज कोलेट्रल-फ्री लोन कहलाता है.



प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) की शुरुआत 2015 में हुर्इ थी. इसे गैर-कृषि क्षेत्र में सभी छोटी इकाइयों को कर्ज देने के लिए शुरू किया गया था. PMMY के तहत ट्रेडिंग, मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र से जुड़े छोटे कारोबारी 10 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं।

प्रधानमंत्री मुद्रा स्कीम (PMMY) के तहत केवल 10 लाख रुपये तक का लोन मिलता है. जिन्हें इससे ज्यादा लोन चाहिए वे क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (सीजीटीएमएसर्इ) स्कीम के तहत मिलने वाली सुविधा का लाभ ले सकते हैं।

इसके तहत मैन्यूफैक्चरिंग या सर्विस सेक्टर में कोर्इ भी नया या मौजूदा एंटरप्राइज दो करोड़ रुपये तक लोन लेने के लिए पात्र है।

मुद्रा (PMMY) की तरह ग्राहक को इसमें कर्ज देने वाले संस्थान को सीजीटीएमएसर्इ आवेदन के साथ बिजनेस प्लान को जमा करना पड़ता है. बैंक या वित्तीय संस्थान इन दस्तावेजों का मूल्यांकन करते हैं. इसके आधार पर अपनी नीतियों के हिसाब से लोन की मंजूरी देते हैं।

लोन की मंजूरी मिलने के बाद बैंक या कर्ज देने वाला संस्थान गारंटी कवर के लिए सीजीटीएमएसर्इ को आवदेन करता है. ग्राहक की ओर से लोन अदा करने में चूक होने पर इसी सिक्योरिटी की मदद से लोन का निपटान किया जाता है।

5 लाख रुपये तक के कर्ज के लिए गारंटी कवर डिफॉल्ट की राशि का 85 फीसदी होता है। 50 लाख रुपये के लिए यह 75 फीसदी है. जबकि 50 लाख रुपये से ऊपर एक करोड़ रुपये तक यह 50 फीसदी है।

हालांकि, सुरक्षा न होने के कारण इन स्कीमों में भारी कागजी कार्यवाही होती है. इनकी प्रोसेसिंग में भी लंबा वक्त लगता है. इसलिए जिन्हें तुरंत पैसे की जरूरत है, उन छोटे उद्योगों के लिए ये सही विकल्प नहीं हैं।

फिनटेक कंपनियां भी दे रही हैं कर्ज
लोन को मंजूरी मिलने में देरी छोटे उद्योगों पर असर डालती है. लेंडिंगकार्ट और कैपिटल फ्लोट जैसी नर्इ कंपनियों ने इस परेशानी को समझते हुए इसका अपने पक्ष में फायदा उठाया है।

ये ऑनलाइन फिनटेक कंपनियां एमएसएमई को छोटी अवधि (3-12 महीने) के कम रकम वाले लोन 72 घंटे के भीतर दे देते हैं. छोटे उद्योग इनकी मदद से कामकाजी पूंजी की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।

आधार और ई-केवाईसी नियमों को अपनाकर ये कंपनियां दनादन कर्ज दे देती हैं. कैपिटल फ्लोट के सह-संस्थापक गौरव हिंदुजा कहते हैं, “आवेदक ई-केवाईसी का उपयोग करके 10 मिनट में आवेदन कर सकता है. उसे तत्काल पैसा मुहैया कराया जाता है।”

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