March 3, 2024

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डीएपी खाद पर अनुचित मुनाफा लेने वालों पर होगी कार्रवाई, कंपनियों को बतानी होगी लागत

सरकार उर्वरक निर्माताओं/ आयातकों के माध्यम से किसानों को रियायती कीमतों पर यूरिया और पीएंडके उर्वरक (डीएपी, एमओपी एवं एसएसपी सहित) उपलब्ध करा रही है।
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नई सब्सिडी के आधार पर होगी उर्वरकों की बिक्री, जानें, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों का वर्ष 2021 का रेट

अभी हाल ही में प्रधानमंत्री की ओर से उर्वरकों पर सब्सिडी बढ़ाकर किसानों को सस्ती दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया जिससे निश्चित रूप से किसानों को काफी राहत मिलेगी। इसको लेकर 20 मई को इस आशय की अधिसूचना वित्त विभाग (डीओएफ) द्वारा जारी कर दी गई। चालू वित्त वर्ष के दौरान कुल सब्सिडी बोझ बढक़र 42,275 करोड़ रुपये हो जाएगा जो 2020-21 में 27,500 करोड़ रुपए था। सरकार उर्वरक निर्माताओं/ आयातकों के माध्यम से किसानों को रियायती कीमतों पर यूरिया और पीएंडके उर्वरक (डीएपी, एमओपी एवं एसएसपी सहित) उपलब्ध करा रही है। पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी को एनबीएस योजना के तहत नियंत्रित किया जाता है जो 01.04.2010 से प्रभावी है। इसी के साथ सरकार का हर संभव प्रयास है कि किसानों को मूल्य वृद्धि का खामियाजा न भुगतना पड़े। 

उर्वरकों पर सब्सिडी के लिए हर साल 80,000 करोड़ रुपए खर्च

केंद्र सरकार रासायनिक उर्वरकों पर सब्सिडी के लिए हर साल लगभग 80,000 करोड़ रुपए खर्च करती है। इसी के साथ यदि कंपनियां उचित मूल्य से अधिक पर उर्वरकों को विक्रय करती है तो उसने इसकी वसूली सब्सिडी में से की जाएगी।

कंपनियां बताएंगी फर्टिलाइजर की लागत

कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे पीएंडके उर्वरकों के एमआरपी के औचित्य का पालन करें और दिनांक 15.11.2019 के दिशानिर्देशों के अनुसार प्रमाणित लागत के आंकडे प्रस्तुत करें। कंपनियां पीएंडके उर्वरकों के एमआरपी भी नियमित रूप से वित् विभाग को रिपोर्ट करेंगी। उचित लाभ से अधिक अर्जित लाभ को अनुचित माना जाएगा और चूककर्ता कंपनियों के सब्सिडी बिलों से उसकी वसूली की जाएगी।

अधिक मूल्य पर नहीं की जा सकेगी उर्वरकों की बिक्री

इस अधिसूचना की तिथि से पीएंडके उर्वरकों की बिक्री अधिक एमआरपी (पुरानी सब्सिडी दरों के अनुसार) पर नहीं की जाएगी। यदि पीएंडके उर्वरक को अधिक एमआरपी पर बेचने का कोई मामला डीओएफ के संज्ञान में आता है तो चूककर्ता कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित करना कंपनियों की जिम्मेदारी होगी कि अब उनके खुदरा विक्रेता इस अधिसूचित सब्सिडी दरों के अनुरूप एमआरपी पर ही पीएंडके उर्वरकों की बिक्री करें। इस अधिसूचना के माध्यम से दो काम्प्लेक्स फर्टिलाइजर एनपीके 8-21-21, एनपीके 9-24-24 को भी शामिल कर लिया गया है।


किसानों को पुरानी रेट पर ही मिलेगा डीएपी

देश में यूरिया के बाद, डाई-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) देश में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला उर्वरक है। इस संबंध में हाल ही में पीएमओ की ओर से डीएपी उर्वरक की सब्सिडी 500 रुपए प्रति कट्टे से बढ़ाकर 1200 रुपए प्रति कट्टा करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया। यह सब्सिडी में 140 प्रतिशत बढ़ोतरी को दर्शाता है। इस फैसले के बाद किसानों को डीएपी का बैग 1200 रुपए के दाम पर ही मिलता रहेगा।

डीएपी सहित अन्य खाद का वर्ष 2021 का रेट

इफ्को के 1 मार्च 2021 के रेट के अनुसार डीएपी की कीमत 1200 रुपए रहेगी, एनपीके की कीमत 1175 रुपए रहेगी, एनपीके 12-32-16 की कीमत 1185 रुपए रहेगी, साथ ही एनपीएस खाद की कीमत 975 रुपए रहने वाली है। इस बीच सोशल मीडिया पर रेटों में बढ़ोतरी को लेकर खबरंे आई थीं जिसमें कीमते बढ़ाने की बात सामने आई थी। तब इफ्को ने रेट बढ़ाने की बात से इंनकार किया था। अब चूंकि केंद्र सरकार ने सब्सिडी बढ़ा दी है तो किसानों को अब पुरानी दर पर ही उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।  



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