March 1, 2024

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खाद पर सब्सिडी 140 प्रतिशत बढ़ाई, अब पुरानी रेट पर ही मिलेगा डीएपी खाद, आखिर कब तक

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किसानों के लिए खुशखबर : केंद्र सरकार ने किसानों के हित में लिया फैसला, नहीं देना होगी बढ़ी कीमत

कोरोना महामारी संकट के बीच गैर यूरिया खादों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई जिससे किसानों को काफी परेशानी हुई। लेकिन अब किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार ने फास्फेट एवं पोटाश उर्वरकों के कच्चे माल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के प्रभावों को कम करने के लिए बुधवार को किसानों हित में फैसला लिया है। सरकार ने डीएपी फर्टिलाइजर पर सब्सिडी 140 फीसदी बढ़ा दी है। अब किसानों को प्रति बोरी 500 रुपए की जगह 1200 रुपए की सब्सिडी मिलेगी। इससे किसानों को 2,400 रुपए प्रति बोरी की जगह 1200 रुपए कीमत चुकानी होगी। इसका मतलब है कि अब उन्हें पुरानी कीमत पर ही डीएपी मिलेगी। 

निजी कंपनियों ने डीएपी, एनपीके की कीमतों में की थी बढ़ोतरी

पिछले दिनों निजी कंपनियों ने डीएपी, एनपीके एवं अन्य रासायनिक खादों के दाम बढ़ा दिए थे, लेकिन सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी ने पुराने स्टॉक वाले रासायनिक खाद (उर्वरक) को पुरानी कीमतों पर ही किसानों को देने को कहा था। इसके अलावा एक आदेश जिसमें इफ्को डीएपी, एनपीके आदि रासायनिक खादों के दामों में वृद्धि की खबर सामने आई थी जिसे उस समय तो खारिज कर दिया गया था परंतु इसके बाद भी ऐसा लग रहा था कि जैसे वह कीमतें किसानों के लिए नए पैकेट पर लागू की जाएगी। जिससे किसानों को अब खरीफ-2021 सीजन में नई बोरी पर प्रिंट एमआरपी पर ही रासायनिक खाद लेना पड़ेगा। 

इस खबर पर छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रविंद्र चौबे ने रासायनिक उर्वरकों में, विशेषकर डीएपी के दाम में प्रति बोरी लगभग 700 रुपए की वृद्धि किए जाने पर चिंता जताई थी। इसी बीच मध्य प्रदेश सरकार ने रासायनिक उर्वरकों के बढ़े हुए मूल्य को इसी खरीफ सीजन 2021 के लिए लागू कर दिया था। दरअसल 7 मई 2021 के जारी लेटर में यह बताया गया है की राज्य में सहकारी समिति किसानों को बढ़े हुए मूल्य पर किसानों को उर्वरक देगी। हालांकि इतना जरूर कहा गया है कि पहले से स्टाक उर्वरक को पुराने प्रिंट रेट पर ही बेचें। पर अब चूंकी केंद्र सरकार ने डीएपी पर सब्सिडी बढ़ा दी है जिससे किसानों को अब पुरानी रेट पर ही खाद मिल सकेगी।

किसानों को अब भी पुरानी कीमत पर ही मिलेगा डीएपी लेेकिन कब तक

रेट बढऩे से पहले डीएपी की कीमत 1200 रुपए प्रति बोरी तथा एनपीके (12.32.16) और एनपीके (10.26.26) करीब 1075 रुपए प्रति बोरी थी। अब केंद्र सरकार के आदेशानुसार अब कंपनियां इसी पुरानी रेट पर ही किसानों को गैर यूरिया खाद उपलब्ध कराएंगी। 

कब तक मिलेंगे इस दर पर खाद इसका कोई खुलासा नही किया गया है। जिस प्रकार गैस के दाम बढ़ाकर पर सब्सिडी देने को कहा था अब गैस पर सब्सिडी केवल 5 रूपये मिल रही है, क्‍या इसी तरह खाद में भी होगा इस पर सरकार कुछ नही बोल रही है। आप सब को पता है कि एक बार किसी के दाम बढ़ जाये तो फिर वे वापस कम नही होते होते भी है तो जिस प्रकार दम बढ़ा है उसका 10 प्रतिशत ही कम होता है। और सरकार का कोई भरोसा नही कब तक ये सब्सिडी मिलेगी।

क्या है डीएपी

डीएपी का पूरा नाम डाइअमोनिया फास्फेट होता है। यह एक दानेदार उर्वरक है। इस उर्वरक में आधे से ज्यादा हिस्सा फास्फोरस युक्त होता है जो पानी में पूरी तरह से घुलनशील नहीं होता है। इस उर्वरक का मुख्य उपयोग पौधों को जड़ों की विकास कराने में किया जाता है।

क्या है एनपीके

एनपीके उर्वरक में नाईट्रोजन, फास्फोरसतथा पोटेशियम तीनों मौजूद रहता है। यह दानेदार उर्वरक होता है। इस उर्वरक का प्रयोग पौधे के विकास तथा मजबूती के लिए किया जाता है साथ ही पौधे से फल को गिरने से बचाया जाता है।

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