March 3, 2024

VINDHYA CITY NEWS

सच्‍ची खबर अच्‍छी खबर

प्रभारी परियोजना प्रशासक ने कलेक्टर को भ्रमित कर किया कार्यो में घोटाला

मित्रों के साथ शेयर करें

– जयसिंहनगर से नागेंद्र साहू की रिपोर्ट – 

शहडोल। जिले के विकासखंड जयसिंहनगर में पदस्थ विकास खंड शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा इन दिनों चर्चा में हैं । बताया जाता है कि श्री शर्मा जबसे जयसिंहनगर में खंड शिक्षा अधिकारी का प्रभार लिए हैं तब से इनकी नजर सिर्फ एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना जयसिंहनगर में रिक्त परियोजना प्रशासक का अतिरिक्त प्रभार की चिंता दिन-रात बनी रहती थी कि कब परियोजना का प्रभार मिले व मनमानी तरीके से लेनदेन कर शासन द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्यों में हेराफेरी करू। अंततः उनकी मंशा के अनुरूप ऊपर वाले ने सुन ली व सभी स्थानीय नेताओं के साथ-साथ विधायकों को अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में लेकर आखिरकार तत्कालीन कमिश्नर नरेश पाल के रहते कार्यालय के पत्र क्रमांक/सम्भा.उपा./स्था./2020/ 589 दिनांक 10/8/2020 के आदेशानुसार एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना जयसिंहनगर के अतिरिक्त प्रभार में पदासीन होकर अपना पैर अंगद जैसे जमा लिए हैं।

क्या था वर्ष 2018-19 की कार्ययोजना:-

बताया जाता है कि एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना जयसिंहनगर द्वारा वर्ष 2018-19 में आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र जयसिंहनगर के ग्रामों एवं माड़ा ब्यौहारी क्षेत्र के ग्रामों में विकास हेतु निर्माण कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर संचालनालय आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं सतपुरा भवन भोपाल को तत्कालीन प्रभारी परियोजना प्रशासक के.के. सोनी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयसिंहनगर द्वारा अपने हस्ताक्षरित पत्र से भेजा गया था ।

वर्ष 2018-19 भेजे गए कार्ययोजनानुसार परियोजना जयसिंहनगर क्षेत्र के लिए संचालनालय आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं सतपुड़ा भवन भोपाल के पत्र क्रमांक/ अनु. 275(1)/ 139/ 2018/ 2591 भोपाल दिनांक 22/09 /2018 के अनुसार विशेष केंद्रीय सहायता भारत सरकार से वित्तीय वर्ष 2018 -19 में स्वीकृत कार्य प्राप्त सूची अनुसार क्रमां. 104 से 113 तक के कुल 10 कार्यों का रुपए 76.45 लाख का कुल प्रथम आवंटन प्रदाय किया गया था , जिसे तत्कालीन परियोजना प्रशासक श्री सोनी जी द्वारा समय सीमा में पूर्ण भी करा लिया गया था।

प्राप्त आवंटित राशि का किया गया था समर्पण:-

वर्ष 2018-19 के कार्ययोजना से ही स्वीकृत कार्य हेतु वर्ष 2019- 20 में संचालनालय आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं सतपुड़ा भवन भोपाल के पत्र क्रमां./ अनु.275(1)/ 140/ 2019/670 भोपाल दिनांक 28 मई 2019 के पत्रानुसार प्राप्त आदेश पत्र में अंकित सरल क्रमांक 8 शहडोल जयसिंहनगर हेतु रुपए 40.00 लाख के कुल आठ निर्माण कार्य हेतु आवंटन प्रदाय किया गया था किंतु स्वीकृत निर्माण कार्यों का आदेशानुसार प्राप्त आवंटन की राशि आई.एफ.एम.एस. वित्त विभाग भोपाल से तकनीकी खराबी के कारण राशि आहरण नहीं की जा सकी जिसके कारण मार्च 2020 में राशि समर्पण कर दी गई थी।

प्रभारी परियोजना प्रशासक का क्या रहा गेम:-

       श्री शर्मा जी पदेन व्याख्याता से खंड शिक्षा अधिकारी के साथ-साथ परियोजना प्रशासक के अतिरिक्त प्रभार पाते ही अपना गेम स्वीकृत निर्माण कार्यों में ब्यापक अनियमितता व धांधली करने की योजना बनाने लगे। शर्मा जी को पता था कि मार्च 2020 में आदिवासी बाहुल्य जयसिंहनगर क्षेत्र के ग्रामों में निर्माण कार्य हेतु स्वीकृत रु. 40.00 लाख एवं माड़ा ब्यौहारी क्षेत्र के ग्रामो में स्वीकृत कार्य हेतु रु.67.00 लाख की राशि समर्पण में है। दिनांक 10 अगस्त 2020 को कमिश्नर के आदेशानुसार परियोजना जयसिंहनगर का प्रभार पाते हैं लगातार यह प्रयास करते रहे कि कब जयसिंहनगर क्षेत्र का रु.40.00 लाख व माड़ा ब्यौहारी का रु. 67.00 लाख अर्थात दोनों मिलाकर रुपए.107.00 (रु.एक करोड़ सात लाख)का आवंटन प्राप्त हो जाए। शर्मा जी द्वारा पत्र लिखकर संचालक आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं सतपुडा भवन भोपाल से समर्पण की राशि प्रदान करने हेतु मांगा गया था ।अंततः संचालनालय आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं सतपुड़ा भवन भोपाल के पत्र क्रमांक/275(1)/143/ 2021/ 4048 भोपाल दिनांक 15/01/ 2021 के अनुसार स्वीकृत निर्माण कार्यों की समर्पित राशि 2020-21 आदेश पत्र के साथ कुल 8 कार्यों का रु. 40.00 लाख जयसिंहनगर के लिए एवं कुल 9 कार्यों का रुपए 67.00 लाख माड़ा ब्यौहारी क्षेत्र के लिए प्रदाय किया गया।

कलेक्टर को कहाँ पर किया गया भ्रमित :-

          अब यहां मजे की बात यह है कि जिसके लिए श्री शर्मा जी जो इन दिनों प्रभारी परियोजना प्रशासक हैं फर्जी कार्य में महारथ माने जाते हैं जिसको सारा जिला जानता है। संचालक आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं भोपाल के द्वारा पत्र क्रमांक 4080 दिनांक 15/01/2021 के पत्र के साथ-साथ पूर्व में  स्वीकृत निर्माण कार्यों की सूची भी प्रदाय की गई थी।

 जो स्वीकृत कार्यों की सूची भेजी गई थी वह क्रमांक के अनुसार इस प्रकार है :-

  • (49) चौपड़ा निर्माण(झिरिया)में ग्राम पंचायत वरना स्वीकृत राशि रुपए 5.00 लाख।
  • (50) पुलिया निर्माण मुख्य रोड तेंदूडोल से अरमान टोला पहुंच मार्ग तेंदूडोल स्वीकृत राशि 5.00 लाख।
  • (51) पुलिया निर्माण झोंगा धार नाला में ग्राम पंचायत हिड़वाह स्वीकृत राशि 5.00 लाख।
  • (52)पुलिया निर्माण भोला सिंह के घर के पास ग्राम पंचायत जमुनिहा स्वीकृत राशि 5.00 लाख ।
  • (53)पुलिया निर्माण गोरेलाल गोंड के खेत के पास ग्राम पंचायत सीधी स्वीकृत राशि 5.00 लाख।
  • (54)पुलिया निर्माण मैंरटोला से कुबरा पहुंच मार्ग चंदेला में स्वीकृत राशि 5.00 लाख।
  • (55 ) पुलिया निर्माण सत्तू के घर के पास ग्राम पंचायत मसियारी स्वीकृत राशि 5.00 लाख।
  • (56) पुलिया निर्माण दिलीप के खेत के पास ग्राम पंचायत झारा स्वीकृत राशि 5.00 लाख।

माड़ा ब्यौहारी क्षेत्र में

  • (57)स्टाप डैम/रपटा निर्माण ठेगरहा नाला में ग्राम बगदरी स्वीकृत राशि रु.10.00 लाख।
  • (58) स्टॉपडैम/रपटा निर्माण सलेहा धार नाला में ग्राम बोकरा स्वीकृत राशि 10.00 लाख।
  • (5) स्टापडैम निर्माण भमर घटी नाला में ग्राम पंचायत पपरेड़ी स्वीकृत राशि 10.00 लाख।
  • ( 60) चोपड़ा निर्माण बनैला नाला ग्राम पपरेड़ी स्वीकृत राशि 7.00 लाख।
  • (61) सी.सी. रोड निर्माण अम्बार 13 में जानकी गोंड़ के घर से रामहित के घर तक ग्राम सतखुरी स्वीकृत राशि 8.00 लाख।
  • (62)सी.सी. रोड निर्माण शिवकुमार गोंड़ के घर से राम- सुमिरन गोंड़ के घर तक बोकरी में स्वीकृति राशि 7.00 लाख।
  • (63)सी.सी. रोड निर्माण बढ़ई टोला ग्राम गड़ा स्वीकृत राशि रुपए 5.00 लाख।
  • (64)पुलिया निर्माण प्राइमरी स्कूल के पास ग्राम पंचायत पसगड़ी स्वीकृत 5.00 लाख।
  • (65) पुलिया निर्माण कोपरिहा बांध के पास ग्राम बोकरा बोकरी ग्राम पंचायत बोकरा बोकरी स्वीकृत राशि 5.00 लाख।

     ऊपर अंकित क्रमांक 49 से 65 तक के सभी कार्य स्वीकृत थे जिसे परिवर्तित कर अशोक शर्मा ने कलेक्टर शहडोल को भ्रमित किया गया।

कूट रचित कर कैसे किया गया भ्रमित:-

              15 जनवरी 2021 के पत्रानुसार प्राप्त आवंटन के साथ-साथ जो स्वीकृत निर्माण कार्यों की सूची क्रमांक 49 से 65 तक प्राप्त हुई थी बताया जाता है कि उन्हें लगभग सभी कार्यों में पंचायत स्तर पर काम करने वालों से सांठगांठ कर 20-25℅ तक कमीशन के साथ लेनदेन कर स्वीकृत सुदा निर्माण कार्य की सूची क्रमांक 49 से 65 तक में मनमानी तरीके से चाहे गये स्थलों अनुसार कूट रचित कर स्प्रेडशीट ही बदल डाली एवं फर्जी स्प्रेडशीट के साथ कलेक्टर महोदय को भ्रमित कर प्रशासकीय स्वीकृति आदेश क्रमांक क्रमशः 630, 632,634, 636,640,642,644, 646, दिनांक 12/2/2021 एवं 654 दिनांक 24/2/2021 के अनुसार करा लिया गया।

 कौन-कौन से निर्माण कार्य हैं फर्जी कूट रचित :-

            बदले गए स्प्रैडशीट के अनुसार कूट रचित निर्माण कर इस प्रकार हैं :-

परियोजना जयसिंहनगर क्षेत्र में

  •  (49)चौपड़ा निर्माण(झिरिया) की जगह पुलिया निर्माण कार्य ग्राम पंचायत दादर में स्वीकृत राशी 5.00 लाख।
  • (50) सही जगह में स्वीकृत है। (51) पुलिया निर्माण मोतीलाल के घर के पास ग्राम पंचायत  कनाड़ी कला स्वीकृति राशि रु .5.00 लाख।
  • (52)पुलिया निर्माण हीरालाल के घर के पास ग्राम औंता ग्राम पंचायत कनाड़ीकला स्वीकृत राशि रु.5.00 लाख।
  • (53) पुलिया निर्माण संपत के खेत के पास ग्राम बसनगरी ग्राम पंचायत बिनैका स्वीकृत राशि  रु.5.00 लाख।
  • (54) पुलिया निर्माण ग्रेवल मार्ग पथरडहा टोला पहुँचमार्ग ग्राम पंचायत बिनैका स्वीकृत राशि रुपए 5.00 लाख।
  • (55) पुलिया निर्माण डोगरी टोला पहुंच मार्ग रु.5.00 लाख।(जल्दी बाजी के कारण कूट रचित करने में ग्राम व ग्राम पंचायत का नाम ही लिखना भूल गया है कि यह कार्य कहां पर स्वीकृत है।
  • (56)पुलिया निर्माण करकिहान टोला सरैहा के पास ग्राम पंचायत गिरुई बड़ी स्वीकृत राशि रुपए 5.00 लाख के कार्य परिवर्तित कर फर्जी तरीके से हेरा फेरी की गई।

इसी तरह– माड़ा ब्यौहारी क्षेत्र में

  • (59) स्टाप डैम/ रपटा निर्माण भमर घाटी नाला ग्राम पंचायत पपरेड़ी के स्थान पर परिवर्तित कर ए.एस. क्रमांक 654 दिनांक 24/2/2021 के अनुसार स्टापडैम निर्माण कार्य बिहारिया नाला में ग्राम पंचायत भमरहा प्रथम स्वीकृत राशि 10.00 लाख
  • (61)सी.सी. रोड निर्माण मुख्य रोड से उमाकांत के घर तक ग्राम पंचायत भोलहरी स्वीकृत राशि रु.  7.00 लाख।
  • (62) पुलिया निर्माण लालून तालाब के पास ग्राम कल्हारी स्वीकृत राशि 5.00 लाख।
  • (63)सी.सी. रोड निर्माण दीनबंधु के घर से मंगल कोल के घर तक ग्राम पंचायत भोलहरा स्वीकृत राशि 8.00 लाख।

      आदि पूर्व से स्वीकृत निर्माण कार्यों व बदली गई स्प्रेडशीट के क्रमांक 49 से 65 में कूट रचित कर कार्य परिवर्तन को बारीकी से निरीक्षण कर देखा जा सकता है।

बिना अनुशंसा के कार्य परिवर्तन-

नियमानुसार कार्य स्थल परिवर्तन करना ही था तो सर्वप्रथम परियोजना प्रशासन को चाहिए था कि तकनीकी अधिकारी को लेकर स्वीकृत कार्य स्थल का निरीक्षण कराना चाहिए था। स्वीकृत स्थल पर कार्य कराने योग्य न पाए जाने पर उसी पंचायत में सरपंच की सहमति या किसी जनप्रतिनिधि की अनुशंसा से स्वीकृत कार्य का स्थान परिवर्तन कर कार्य कराना उचित था। यदि स्वीकृत कार्य के निर्माण हेतु पंचायत मैं स्थल अन्य जगह भी न होने की स्थिति में अन्य किसी पंचायत में जहां उपयुक्त हो स्थल परिवर्तन कर कार्य कराया जाना चाहिए, किंतु प्रभारी परियोजना प्रशासक श्री शर्मा जी द्वारा स्वीकृत कार्यों में व्यापक अनियमितता व धांधली कर कलेक्टर को गुमराह करते हुए कार्यों को गोपनीय तरीके से परिवर्तन कर प्रशासकीय स्वीकृति फर्जी तरीके से करा ली है।

स्वीकृत कार्य को दूसरे निर्माण में ब्यय :-

       जानकारी के अनुसार वर्ष 2018-19 में भेजी गई कार्य- योजनानुसार जयसिंहनगर क्षेत्र व माड़ा ब्यौहारी क्षेत्र के जिन पंचायत में जो कार्य स्वीकृत थे यदि सरल क्र. 49 से 65 तक में जांच परख की जाए तो पता चलता है कि स्वीकृत सूची के सरल क्रमांक 49 में चौपड़ा निर्माण(झिरिया)की जगह ग्राम पंचायत दादर में पुलिया निर्माण एवं सरल क्रमांक 62 में सीसी रोड निर्माण शिव कुमार गौड़ के घर से रामसुमिरन गोंड़ के घर तक बोकरी के स्थान पर पुलिया निर्माण लालून तालाब के पास ग्राम कल्हारी(ब्यौहारी) में कार्य परिवर्तन कर निर्माण कार्य कराया जाकर राशि ब्यय कराई गई है।

विधायक व कलेक्टर से की गई शिकायत:–

वर्ष 2018-19 में स्वीकृत निर्माण कार्यों की हेरा- फेरी जयसिंहनगर क्षेत्र व माड़ा ब्यौहारी में परियोजना प्रशासक द्वारा जिस तरह से कूटरचित की गई है, की जानकारी जब भाजपा के स्थानीय नेताओं को चली तो श्री शर्मा जी के कार्यशैली को सुनकर पैरों तले से जमीन खिसक गई। अंततः स्थानीय नेताओं में से पूर्व मंडल अध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि सातिका प्रसाद तिवारी, जिला मंत्री सुधीर पाण्डेय, जिला उपाध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा बीरेन्द्र पाण्डेय, मंडल अध्यक्ष भाजपा मंडल करकी राजेश द्विवेदी आदि नेताओं ने अपने क्षेत्रीय विधायक शरद कोल के साथ कुछ दिन पूर्व कलेक्टर साहब से मिलकर मौखिक रूप से शर्मा द्वारा भ्रमित कर निर्माण कार्यों में कूट रचित कर प्रशासकीय स्वीकृति करा ली है, जिस पर कलेक्टर महोदय ने आज दिनांक तक भ्रष्टाचार में लिप्त व प्रभारी प्रशासक शर्मा जी के विरुद्ध कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। जो यह विचारणीय प्रश्न है कि आखिरकार कलेक्टर महोदय श्री शर्मा के प्रति क्यों मेहरबान है।

विधायक से की गई लिखित शिकायत:-

            बताया जाता है कि स्थानीय नेताओं ने जब कुछ दिन पूर्व क्षेत्रीय विधायक शरद कोल के साथ कलेक्टर महोदय से मिलकर मौखिक रूप से श्री शर्मा द्वारा किए गए कार्यों की हेरा फेरी करने की शिकायत की गई तो कोई कार्यवाही न होना भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी को संरक्षण देना प्रतीत होता है। ऐसी स्थिति में पुनःस्थानीय नेताओं ने भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष बीरेन्द्र पाण्डेय के साथ विधायक जी से मिलकर लिखित पत्र देकर फर्जी तरीके से किए गए कार्यों के प्रशासकीय स्वीकृति की जांच कराने व परियोजना के प्रभार से हटाने के साथ-साथ निलंबित कराए जाने का अनुरोध किया है। विधायक जी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अति शीघ्र कार्रवाही करानी का आश्वासन दिया। देखना है कि ऊर्जावान युवा विधायक किस तरह से व कब तक परियोजना के प्रभार से हटाने के साथ-साथ निष्पक्ष जांच करा कर कानूनी कार्यवाही कराते हैं।

जूनियर पदेन व्याख्याता बने बी.ई.ओ. :-

     चर्चा है कि जिले में बहुतायत सीनियर व्याख्याता पदस्थ है किन्तु अशोक शर्मा नियम को ताक में रखकर अपने पैसे व पहुँच-पकड़ के दम पर विगत कई वर्षों से लगातार बी.ई.ओ.के पद पर पदासीन हैं। इतना ही नहीं जहां भी वे इस पद पर रहे हैं भ्रष्टाचार और करोड़ों रुपए के घोटाले में लिप्त रहकर विवादित रहने की खबर सुनी गई है किन्तु बड़े नेताओं का संरक्षण प्राप्त होने से शर्मा जी घोटाले पर घोटाले कर फल-फूल रहे हैं जबकि जिले में प्रायः कई सीनियर व्याख्याता स्कूलों में पदस्थ हैं उन्हें मौका न देकर उनके साथ सीनियर होने का सौतेला व्यवहार किया जाता है जो नियम विरुद्ध है।

क्या कहते हैं नियम:-

जब स्थानीय नेताओं ने कार्य परिवर्तन करने का कोई नियम आदेश की जानकारी चाही तो  मध्य प्रदेश शासन आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्रालय भोपाल का पत्र क्रमां./आर-14/  17/14/ 3-25 भोपाल दिनांक 6 जनवरी 2015 के आदेशानुसार प्रशासनिक कार्य एवं सुबिधा की दृष्टि से आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत संविधान के अनुच्छेद 275(1) तथा आदिवासी उपयोजना विशेष केंद्रीय सहायता के स्वीकृत कार्यों में यदि स्थान परिवर्तन/कार्यों में परिवर्तन किया जाना है तो उसके लिए एतद द्वारा कलेक्टर को प्राधिकृत किया जाता है।

        जबकि मध्यप्रदेश शासन ने एक वर्ष बाद 25 जनवरी 2016 का संशोधित आदेश में सीधे कार्य परिवर्तन करने का कोई अधिकार नहीं है।

बिना सलाहकार मण्डल के अनुमोदन से कार्य परिवर्तन:-

            मध्यप्रदेश शासन आदिम जाति कल्याण मंत्रालय भोपाल द्वारा 6 जनवरी 2015 के पत्र के आदेशानुसार स्वीकृत कार्यों में स्थल व कार्य परिवर्तन में कुछ संशोधन करते हुए मंत्रालय के पत्र क्रमांक/ 63/116/ 2016/ 3-25 भोपाल दिनांक 25 जनवरी 2016 के आदेशानुसार पूर्व के आदेश क्रमांक आर-14 /17 /14/3-25 भोपाल दिनांक 6 जनवरी 2015 के पत्र को आंशिक संशोधित कर केवल विशेष परिस्थितियों में स्वीकृत कार्यों में स्थान परिवर्तन किए जाने हेतु कलेक्टर को प्राधिकृत किया गया था।

        जबकि प्रोजेक्ट्स के कार्यों में परिवर्तन किए जाने हेतु पूर्ण औचित्य एवं अभिमत सहित प्रस्ताव पारीयोजना सलाहकार मंडल/ जिला योजना समिति की उप समिति आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण से अनुमोदन उपरांत संचालनालय आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजना भोपाल के माध्यम से शासन को प्रस्तुत किए जाएंगे जो कि श्री शर्मा जी द्वारा नियम को दर किनार करने के साथ-साथ कलेक्टर  महोदय को भ्रमित कर कूट रचित तरीके से अपना स्वयं का नियम बनाकर प्राशासकीय स्वीकृत करा ली गई है।

सबसे पहले न्‍यूज पाने के लिए नीचे लाल बटन पर क्लिक करके सब्‍सक्राइब करें।


मित्रों के साथ शेयर करें
error: Content is protected !!