March 1, 2024

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राम नवमी 2021: पर्व की जानिये शुभ मुहूर्त और पूजा विधि….

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इस वर्ष राम नवमी का पर्व पंचांग के अनुसार 21 अप्रैल 2021 को मनाया जाएगा, और इस दिन चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है.

राम नवमी (Ram Navami) का पर्व भगवान राम के जन्म दिन के रूप में मनाया जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार रामचंद्र जी का जन्म चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी की तिथि में हुआ था. इस वर्ष 2021 में चैत्र शुक्ल की नवमी की तिथि 21 अप्रैल को है. और इस दिन विशेष योग भी बन रहा है. 

भगवान राम का जन्मपौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम का जन्म कर्क लग्न में हुआ था. और इसके साथ जन्म के समय नक्षत्र पुनर्वसु था. ज्योतिष शास्त्र में कर्क लग्न का स्वामी चंद्रमा और पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी देव गुरू बृहस्पति हैं. पुनर्वसु नक्षत्र की गिनती शुभ नक्षत्रों में की जाती है.

राम नवमी (Ram Navami) 2021 की शुभ मुहूर्त :- 
नवमी तिथि आरंभ: 21 अप्रैल 2021, रात्रि 00:43 बजे से होगा एवं नवमी तिथि समापन 22 अप्रैल 2021, रात्रि 00:35 बजे तक। पूजा का मुहूर्त: प्रात: 11 बजकर 02 मिनट से दोपहर 01 बजकर 38 मिनट तक
पूजा की कुल अवधि: 02 घंटे 36 मिनट रामनवमी मध्याह्न का समय: दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर

राम नवमी (Ram Navami) की पूजा विधि:-
नवमी की तिथि वाले दिन प्रात:काल स्नान करके और स्वच्छ वस्त्र धारण चाहिये. इसके बाद पूजा स्थान को शुद्ध करने के बाद पूजा आरंभ करना चाहिए. पूजन में गंगाजल, पुष्प, फल, मिष्ठान आदि का प्रयोग करना चाहिये. रोली, चंदन, धूप और गंध आदि से षोडशोपचार पूजन करें. तुलसी का पत्ता और कमल का फूल अर्पित करें. पूजन करने के बाद रामचरितमानस, रामायण और रामरक्षास्तोत्र का पाठ करना अति शुभ माना जाता है. पूजा समापन से पूर्व भगवान राम की आरती आवश्‍य करना चाहिए.

राम नवमी का महत्व:-
भगवान राम को मर्यादा पुरूषोत्तम कहा गया है, और भगवान राम की शिक्षाएं और दर्शन को अपनाकर जीवन को श्रेष्ठ बनाया जा सकता है. भगवान राम जीवन को उच्च आर्दशों के साथ जीने की प्रेरणा देते हैं. ऐसा कहा कहा जाता है कि, व्रत रख कर भगवान राम की आराधना करने से जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करने में मदद मिलती है, और भगवान राम की कृपा प्राप्त होती है.


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