April 18, 2024

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SINGRAULI NEWS : योजना में लोग काम करने में रुचि नहीं,डेढ़ लाख से अधिक जॉब कार्डधारी में से 63 हजार ने किया 100 दिन का काम।

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सिंगरौली। जिले में सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना में लोग काम करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। मजदूरों का कहना है मनरेगा में मजदूरी कम मिलती है। समय पर भुगतान न मिलने से दूसरी जगह काम करते हैं।जिला पंचायत के अधिकारियों का दावा तो मनरेगा के जरिए श्रमिकों को लक्ष्य से अधिक काम देने का है, लेकिन हकीकत यह है कि जिले के जॉब कार्ड प्राप्तकरने वाले श्रमिकों को पूरे एक वर्ष में 27 दिन ही काम मिला।

पंचायत के आंकड़े यही बता रहे हैं।प्रत्येक सुबह शहर के लेबर चौराहे पर श्रमिकों की भीड़ लगी रहती है। जिले में वित्त वर्ष 2021-2022 में 43 लाख श्रमिक दिवस काम देने का लक्ष्य रखा गया था। श्रमिकों को 45 लाख 47 हजार दिवस कार्य दिया गया है। यह आंकड़ा लक्ष्य का 103 प्रतिशत है। जिले में 1 लाख 68 हजार 283 जॉब कार्ड धारी श्रमिक हैं। जॉब कार्ड धारी एक श्रमिक को पूरे एक वर्ष में औसतन 27 दिन ही काम मिला है।

जिला पंचायत के मनरेगा प्रभारी इंद्रभान का कहना है कि औसतन 50 फीसदी जॉब कॉर्डधारी श्रमिक ही मनरेगा के तहत कार्य करते हैं। बाकी निजी लोगों का काम करते हैं।निर्धारित

मानव श्रम दिवस लक्ष्य 50 लाख।

• मानव श्रम दिवस 45,47,198

चितरंगी 21,30,934

देवसर 13,79,234

वैढ़न 42,473 बकाया भुगतान

90.05 लाख रुपए स्किल मानव श्रम,

9.42 लाख रुपए नॉन स्किल्ड मानव श्रमजिले में 50 फीसदी से अधिक जॉब

कार्ड धारी श्रमिकों का मनरेगा में रुचि नहीं लेने की वजह कम भुगतान और पारिश्रमिक मिलने में देरी है। वर्तमान में केवल एक दिन का पारिश्रमिक केवल 221 रुपए है। यह भुगतान भी काफी देर से मिलता है। पिछले वर्ष का वर्तमान में स्किल मानव श्रमिकों का 90.05 लाख रुपए और नॉन स्किल्ड मानव श्रमिकों का 9.42 लाख रुपए का भुगतान अभी भी बकाया है।


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