June 15, 2024

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पेयजल आपूर्ति नहीं होने पर नाराज हुई मेयरः

सिंगरौली news : महापौर ने किया आरओ प्लांट का निरीक्षण, कहा- जांच कराकर होगी एफआईआर।

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सिंगरौली। जिले के नगर निगम में हुई एमआईसी की बैठक में नगर निगम के वार्डों में पेयजल समस्या को लेकर मेयर अधिकारियों पर खफा हो गई। शहरी क्षेत्र में समस्या ग्रस्त मोहल्लों में अभी पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई है। इस बात को लेकर महापौर ने एमआईसी की बैठक में नाराजगी जाहिर की है।

महापौर ने कहा कि परिषद की बैठक में निर्णय हुए एक महीने बीतने को है, लेकिन अभी तक निर्णय के मुताबिक ज्यादातर मोहल्लों में न ही पाइपलाइन बिछाई गई है और न ही हैंडपंप लगाया गया है। टैंकर से आपूर्ति और मोहल्लों में टंकियां रखवाए जाने का निर्णय भी अभी अधर में है।

जबकि मोहल्लों में पानी का संकट देखने को मिल रहा है। लोगों को काफी दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। अधिकारियों ने महापौर को बताया कि निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही व्यवस्था शुरू हो जाएगी।

ग्रामीण अंचल में भी टैंकर से होगी पेयजल आपूर्ति

गर्मी में पेयजल की समस्या के निदान के लिए इस बार शहर के अलावा ग्रामीण अंचल में भी टैंकर की मदद ली जाएगी। कलेक्टर ने इस बावत आदेश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक सभी उपखंडों में नल जल योजनाओं के साथ हैंडपंप के जरिए पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था बनाई जाए। जहां ये व्यवस्था नहीं बन पाती है, वहां टैंकर से पेयजल आपूर्ति करने का निर्देश दिया गया। यह जिम्मेदारी पीएचइ को दी गई है। एसडीएम व सीइओ जनपद पंचायत को मॉनिटरिंग का निर्देश है।

ढाई साल से बंद है सरकारी आरओ प्लांट फिर भी हर माह हो रहा है पेमेंट

शहर के जरूरत मंद परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 13 आरओ प्लांट की स्थापना 2014-2015 में करवाई गई थी। इनके संचालन व संधारण की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई थी। पिछले 3 सालों से आरओ प्लांट नहीं चल रहे है, जिससे लोगों को पानी मिलने में दिक्कत हो रही है लेकिन ठेकेदार की सेटिंग के चलते उसका हर माह में पेमेंट हो रहा है।
नगर निगम की मेयर रानी अग्रवाल ने शिकायत मिलने
के बाद मौके पर जाकर जहां-जहां आरओ प्लांट लगाए
गए है, उसका निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने बताया
कि पिछले 3 सालों से आरओ प्लांट नहीं चल रहा है।
जबकि नगर निगम के अधिकारियों की ओर से हर माह
ठेकेदार को 8 से 10 लाख रुपए पेमेंट किया जा रहा
है।

प्लांट का निरीक्षण जाकर मौके पर किया



फिलहाल महापौर ने कहा कि प्लांट का निरीक्षण हमने खुद जाकर मौके पर किया। प्लांट को देखकर ऐसा लगता है कि जैसे कई सालों से बंद व जर्जर हालत में लोगों ने बताया कि 3 सालों से पानी की समस्या है, प्लांट की हालत जर्जर हो गई है। इस मामले में जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराएगे।


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