June 17, 2024

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*अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर शासन के नियमानुसार नही हो रही कार्यवाही, नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां*

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शासन चौकी पुलिस ने अवैध रेत परिवहन करते मयार नदी से एक स्वराज ट्रैक्टर को किया जप्त।

अमन सिंह चौहान । सिंगरौली । पुलिस अधीक्षक मुख्यालय पर निर्देश देते हैं कि अवैध रेत का उत्खनन हुआ तो निलंबन की कार्रवाई तय और यहां अवैध उत्खनन जारी है, इससे प्रसाशन क्या दिखाना चाहती है? सप्‍ताह में एक दिन अवैध रेत खनन पकड़कर खानापूर्ति की जाती है। वर्तमान में मानसून सत्र होने से सितम्‍बर माह तक पूरी तरह से रेत उत्‍खनन बंद है, इसके बावजूद भी अवैध उत्‍खनन जारी है।

पुलिस अधीक्षक सिंगरौली के दिशा निर्देशन में अवैध खनिज के रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में शासन चौकी प्रभारी संदीप नामदेव को कामयाबी मिली जब अवैध रेत परिवहन करते मयार नदी से एक स्वराज ट्रैक्टर को जप्त किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार शासन चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप नामदेव को मुखबिर द्वारा सूचना मिली की एक स्वराज ट्रैक्टर बिना नंबर का ग्राम काम के मयार नदी से अवैध रेत परिवहन कर रहा है। जिस पर शासन चौकी प्रभारी द्वारा टीम गठित कर ट्रैक्टर को धर दबोचा गया।

वहीं आरोपी जगदीश प्रसाद प्रजापति पिता प्रयाग लाल प्रजापति  निवासी सिंगरौलिया थाना बैढ़न के खिलाफ धारा 379, 414 भादवि 4/21 खनिज अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।

लेकिन ये धर-पकड़ मात्र एक खानापूर्ति है, जबकि यहां रात्रि में बिना नंबर की गाडि़यों में अवैध उत्‍खनन जारी है। आरोपी बिना नंबर की गाड़ी का प्रयोग करते है ताकि कोई शिकायत भी करे तो किसी प्रकार की कार्यवाही न हो। इस पर परिवहन अधिकारी का ध्‍यान आकर्षित करना चाह रहा हूं कि इस तरह की गाडि़यां जो बिना नंबर प्‍लेट के अवैध परिवहन कर रही हैं उन पर सख्‍त से सख्‍त कार्यवाही हो सके।

यहां पर पुलिस की भी जिम्‍मेवारी है कि शासन के निर्देशानुसार अवैध रेत परिवहन में शामिल वाहनों को राजसात कर नीलाम भी किया जाये ताकि अवैध परिवहन पर रोक लग सके और प्रदेश सरकार के आदेशों का अक्षरश: पालन हो सके। वाहनों को राजसात न करना इसमें पुलिस की भूमिका भी संदेहास्‍पद लग रही है।

उपरोक्त स्वराज ट्रैक्टर की कार्रवाई में : कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में शासन चौकी प्रभारी उप निरीक्षक संदीप नामदेव, सहायक उपनिरीक्षक रामबहोरी प्रजापति, आरक्षक हेमराज पटेल, मनोज गौतम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जुर्माना की राशि

जहां कोई व्यक्ति मप्र गौड़ खनिज नियम-1996 या फिर मप्र रेत खनन, परिवहन, भंडारण एवं व्यापार नियम-2019 या फिर विभाग द्वारा प्रचलित अन्य किसी तरह के नियमों का उल्लंघन करते हुए वैध परमिट के बिना खनिज का परिवहन कराता है तो ऐसे मामले में खनिज की रायल्टी का 15 गुना तक पेनाल्टी की वसूली की जा सकेगी। इसके अलावा ऐसे मामलों में भारी- भरकम राशि पर्यावरण क्षतिपूर्ति के नाम पर भी वसूली की जा सकेगी।

बिना वैध परमिट के रेत परिवहन करने पर रायल्टी का 15 गुना तो जुर्माना लगेगा ही, साथ ही पर्यावरण क्षतिपूर्ति की राशि भी जुड़ जाने से वसूली की राशि भारी- भरकम हो जाएगी। नए नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि जब वसूली की बात आएगी तो जुर्माना और पर्यावरण क्षतिपूर्ति की राशि को एक साथ जोड़कर वसूली होगी। कई मामलों में यह राशि जब्त किए गए वाहनों की कुल कीमत से अधिक हो जाने की संभावना भी बन गई है। ऐसे में अब किसी माफिया के लिए बगैर वैध परमिट के रेत का परिवहन करने की हिम्मत जुटाना आसान नहीं होगा। पर पकड़ने के बाद ढील देने से माफियातंत्र सक्रिय है और रेत का अवैध उत्‍खनन एवं परिवहन निरंतर रूप से जारी है।



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